लखनऊ: राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में स्थित एक कोचिंग सेंटर में सोमवार को लगी भीषण आग ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। जिस इमारत में यह हादसा हुआ, वहां एक दुकान के ऊपर कोचिंग सेंटर संचालित किया जा रहा था। आग लगने के बाद भवन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कई छात्रों ने अपनी जान बचाने के लिए ऊंचाई से छलांग लगा दी, जिससे वे घायल हो गए।
हादसे के बाद प्रशासन ने मृतकों की पहचान उजागर कर दी है। इस भयावह अग्निकांड में जान गंवाने वालों में सागर, नीलेश, अनामिका, संयम, अनुच्छा, सुखमनी, आदित्य श्रीवास्तव, ज्योति, भविष्य, अब्दुल रहमान, सूरज भाह, भाहजान, जयनिल चक्रवर्ती, मोहम्मद अम्मार और सुमल्या शामिल हैं। इन नामों के सामने आने के बाद शोक में डूबे परिवारों का दर्द और अधिक गहरा हो गया है।
दूसरी ओर, इस हादसे में घायल हुए लोगों की सूची भी सामने आई है। घायलों में जयंत, लवप्रीत, मोहम्मद आसिफ, भुवन श्रीवास्तव, पंकज, शैलेंद्र, अभिषेक, पंकज जोशी और गौरव कुमार शामिल हैं। इनमें से कई लोगों का इलाज अस्पताल में जारी है और डॉक्टर उनकी हालत पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने तत्काल जांच के आदेश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है, जो पूरे मामले की गहन पड़ताल करेगा। इस विशेष जांच दल में पर्यटन, धर्मार्थ कार्य एवं संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात को शामिल किया गया है। वहीं, लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक प्रवीण कुमार को भी जांच टीम का सदस्य बनाया गया है।
बताया जा रहा है कि लखनऊ अग्निकांड को लेकर हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने यह अहम निर्णय लिया। सरकार ने जांच दल को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। जांच के दौरान आग लगने के कारणों, सुरक्षा व्यवस्थाओं और संभावित लापरवाही के पहलुओं की भी विस्तार से समीक्षा की जाएगी।
इस हृदयविदारक घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। प्रधानमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है, ताकि इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों को कुछ राहत मिल सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी राज्य सरकार की ओर से सहायता पैकेज की घोषणा की है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की बात कही है। इसके अलावा, घायल लोगों को पचास-पचास हजार रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं दुर्घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय पहुंचकर घायलों तथा उनके परिवारजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने डॉक्टरों से घायलों की स्थिति और उपचार संबंधी जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा कि सभी घायलों का उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस दर्दनाक हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों की पीड़ा को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। राज्य सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ खड़ी है।
उन्होंने अपने संदेश में आगे कहा कि प्रभु श्रीराम से उनकी प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा घायलों को जल्द स्वस्थ होने का आशीर्वाद दें। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मृतकों के परिजनों को तत्काल पांच-पांच लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए और गंभीर रूप से घायल लोगों को पचास-पचास हजार रुपये की आर्थिक मदद बिना किसी देरी के प्रदान की जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस दुख की घड़ी में प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराएगी।













