नई दिल्ली/फतेहपुर। दिल्ली के जंतर-मंतर पर Gen-Z के छात्र आंदोलन के बाद अब उत्तर प्रदेश में Gen-Alpha पीढ़ी के छात्र भी अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के सर्वोदय इंटर कॉलेज, किशनपुर के नौवीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं ने विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं की कमी के विरोध में कक्षाओं का बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। छात्रों के बढ़ते आक्रोश और विरोध के बीच प्रशासन ने कुछ ही घंटों में उनकी अधिकांश मांगें स्वीकार कर लीं। यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ जब दिल्ली में छात्रों के आंदोलन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही थी, जहां अदालत ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को लोकतांत्रिक अधिकार बताते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई पर रोक लगाने की बात कही।
मूलभूत सुविधाओं की कमी से नाराज थे छात्र
फतेहपुर के सर्वोदय इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र लंबे समय से स्कूल की बदहाल व्यवस्थाओं से परेशान थे। उनका कहना था कि कई कक्षाओं में बिजली और पंखों की सुविधा नहीं है, जिससे उमस और गर्मी के बीच पढ़ाई करना मुश्किल हो गया है। परिसर में शुद्ध पेयजल की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा मिड-डे मील की गुणवत्ता, बैठने के लिए पर्याप्त डेस्क-बेंच और अन्य आवश्यक सुविधाओं की कमी को लेकर भी छात्र लगातार शिकायत कर रहे थे।
छात्रों का आरोप है कि वे कई बार स्कूल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रख चुके थे, लेकिन समाधान नहीं निकला। लगातार अनदेखी से नाराज होकर उन्होंने कक्षाओं का बहिष्कार करने और सामूहिक प्रदर्शन का फैसला लिया। इस आंदोलन में छात्राओं ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया और छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपनी आवाज बुलंद की।
जंतर मंतर पर Gen–Z थे, ये अल्फा हैं। Video उत्तर प्रदेश में जिला फतेहपुर के इंटर कॉलेज का है। बिजली/पानी की अच्छी व्यवस्था नहीं है। प्रिंसिपल अभद्र व्यवहार करते हैं। इन सबके खिलाफ आज छात्र–छात्राओं ने प्रोटेस्ट किया है।@bnetshukla pic.twitter.com/6O61uBEpIp
— Sachin Gupta (@Sachingupta) July 28, 2026
पोस्टर बनाकर स्कूल से बाहर निकले छात्र
प्रदर्शन से पहले छात्र-छात्राओं ने कक्षाओं में ही बड़े-बड़े पोस्टर तैयार किए और उन पर अपनी मांगें लिखीं। इसके बाद सभी छात्र नारेबाजी करते हुए स्कूल परिसर से बाहर निकल आए। कई छात्रों ने अपने हाथों में डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीरें भी लेकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि जब भी वे बिजली, पानी या अन्य सुविधाओं की मांग करते हैं, तो उन्हें परीक्षा में फेल कर देने की धमकी दी जाती है। उनका कहना था कि पंखों के अभाव में कई छात्र गर्मी और उमस के कारण बीमार पड़ जाते हैं। साथ ही कुछ छात्रों ने स्कूल के प्रधानाचार्य पर अभद्र व्यवहार करने के आरोप भी लगाए।
सड़क पर उतरे छात्रों से प्रशासन में मची हलचल
छात्रों और छात्राओं के बड़ी संख्या में सड़क पर आने की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। स्थानीय पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। शुरुआत में स्कूल प्रशासन ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे और लिखित आश्वासन मिलने तक प्रदर्शन समाप्त करने से इनकार कर दिया।
स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया और छात्रों की समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। इसके बाद शिक्षा विभाग ने मांगों पर निर्णय लेने की प्रक्रिया शुरू की।
डीआईओएस ने अधिकांश मांगों को दी मंजूरी
जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) राकेश कुमार ने छात्रों की लगभग सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कक्षा में अगले दिन तक चार-चार नए पंखे लगाए जाएंगे और स्कूल की बिजली व्यवस्था को भी दुरुस्त कराया जाएगा। इसके अलावा एक महीने के भीतर नए डेस्क-बेंच उपलब्ध कराने, परिसर में आरओ वाटर कूलर लगाने और मिड-डे मील के मेन्यू में सुधार करने का आश्वासन दिया गया।
हालांकि विज्ञान वर्ग शुरू करने की मांग पर उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रयोगशाला और आवश्यक मान्यता की जरूरत होगी, इसलिए फिलहाल इस मांग को तुरंत पूरा करना संभव नहीं है। बाकी सभी मांगों को लिखित रूप में स्वीकार किए जाने के बाद छात्रों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। मांगें माने जाने की घोषणा होते ही छात्र-छात्राओं ने खुशी जाहिर की और एक-दूसरे का उत्साह बढ़ाया।
क्या है Gen-Z और Gen-Alpha?
हाल के वर्षों में Gen-Y, Gen-Z और Gen-Alpha जैसे शब्दों का इस्तेमाल अलग-अलग पीढ़ियों के लिए किया जाता है। यहां Gen का अर्थ Generation यानी पीढ़ी से है।
Gen-Y, जिसे Millennials भी कहा जाता है, में वर्ष 1981 से 1996 के बीच जन्मे लोग शामिल होते हैं। इसके बाद 1997 से 2012 के बीच जन्म लेने वाली पीढ़ी को Gen-Z कहा जाता है। वहीं 2013 से 2024 के बीच जन्मे बच्चों को Gen-Alpha की श्रेणी में रखा जाता है। वर्तमान में स्कूलों में पढ़ने वाली बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इसी Gen-Alpha पीढ़ी का हिस्सा हैं, जो अपनी समस्याओं और अधिकारों को लेकर पहले की तुलना में अधिक जागरूक मानी जाती है।
उत्तर प्रदेश में Gen–Alpha छात्रों का पहला आंदोलन सफल
— Sachin Gupta (@Sachingupta) July 28, 2026
> हर क्लास रूम में कल तक 4–4 पंखे लगेंगे
> वायरिंग को दुरुस्त किया जाएगा
> डेस्क बेंच एक महीने में मिल जाएगी
> एक RO वाटर कूलर लगाया जाएगा
प्रदर्शनकारी छात्रों को लिखित रूप में यह सब आश्वासन दिया गया है। नई जेनरेशन अब… https://t.co/wcnD50KGLB pic.twitter.com/0TIbYBGY50













