
देश में अवैध धर्मांतरण का एक खौफनाक चेहरा बन चुका जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा अब कानून के शिकंजे में है, लेकिन उसके इरादों की गहराई और नेटवर्क की जड़े कितनी दूर तक फैली हैं, इसका अंदाजा अब उसके करीबी मोहम्मद अहमद के चौंकाने वाले खुलासों से लग रहा है। एक आम इंसान की शक्ल में छुपा यह शातिर, देश को मुस्लिम राष्ट्र बनाने का सपना पाले बैठा था।
मोहम्मद अहमद ने खोले राज – बाबाओं के चोले में छिपे इरादे
छांगुर बाबा के बेहद करीबी रहे मोहम्मद अहमद ने एबीपी न्यूज से बात करते हुए बताया कि बाबा का मकसद हिंदुस्तान को मुस्लिम राष्ट्र बनाना था। उसने इसके लिए एक संगठित 'फौज' खड़ी कर ली थी, जो खास रणनीति से लड़कियों को अपने जाल में फंसाने का काम करती थी। मोहम्मद अहमद का दावा है कि वह बाबा से 2023 में मिला था और केवल जमीन के सिलसिले में 49.80 लाख रुपये लिए थे, लेकिन विवाद के बाद वह अलग हो गया।
पीड़िता की दर्दभरी आपबीती – छल, धोखा और मजबूरी का इस्तेमाल
जिस महिला का धर्मांतरण कराया गया था, उसने प्रमुख सचिव से मिलकर इस पूरे जाल को तोड़ने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पीड़िता ने बताया कि कैसे एक महिला उसे बाबा के पास लेकर गई, जहां रूहानी ताकतों की झूठी कहानियों में उलझाकर उसका माइंड वॉश किया गया। वहां मौजूद नीतू उर्फ नसरीन ने बाबा को अल्लाह से जुड़ा बताया और उसकी ताकतों का बखान किया।
पीड़िता ने खुलासा किया कि छांगुर बाबा और उसका गिरोह सिर्फ प्रेम जाल ही नहीं, बल्कि मजबूरी में फंसे लोगों को भी टारगेट करता था। ऐसे लोगों को पैसे देकर उनकी मदद की जाती थी ताकि बाबा की ‘मसीहा’ जैसी छवि बनाई जा सके और धीरे-धीरे उन्हें धर्मांतरण की तरफ धकेला जा सके।
अब टूट रहा है छांगुर का फर्जी साम्राज्य
बाबा का खुदा से जुड़ने का दावा अब कानून के सवालों में उलझ चुका है। जांच एजेंसियां उसकी फंडिंग, नेटवर्क और स्लीपर सेल की कड़ियों को जोड़ रही हैं। माना जा रहा है कि बाबा के साथ उसके पूरे नेटवर्क की पोल खुलने वाली है और जल्द ही इस मामले से जुड़े हर चेहरा कानून की गिरफ्त में होगा।














