उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज होती नजर आ रही है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के सीनियर नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता रह चुके सैयद आसिम वकार ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। बुधवार को उन्होंने उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग के प्रमुख इमरान प्रतापगढ़ी की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।
आसिम वकार लंबे समय से AIMIM से जुड़े हुए थे और उत्तर प्रदेश में पार्टी की ओर से अपनी बात प्रमुखता से रखते रहे हैं। उनके कांग्रेस में शामिल होने को विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले AIMIM के लिए झटके के तौर पर देखा जा रहा है।
सपा के बाद AIMIM में सक्रिय रहे आसिम वकार
आसिम वकार का राजनीतिक जुड़ाव AIMIM से पहले समाजवादी पार्टी से भी रहा है। बाद में वह असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी में शामिल हुए और लंबे समय तक संगठन में सक्रिय रहे। वह AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में AIMIM की आवाज के तौर पर सक्रिय रहने के बाद अब उनका कांग्रेस में जाना राजनीतिक रूप से अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि, उनके कांग्रेस में शामिल होने के पीछे उन्होंने खुद AIMIM की जमीनी राजनीति को लेकर अपनी असहमति को वजह बताया है।
AIMIM पर आसिम वकार ने क्या कहा?
कांग्रेस में शामिल होने के बाद आसिम वकार ने AIMIM के कामकाज को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश में रहने वाले और भारत से प्रेम करने वाले लोगों का लक्ष्य बीजेपी को हटाकर एक सेक्युलर पार्टी की सरकार बनाना होना चाहिए।
आसिम वकार के मुताबिक, जब वह AIMIM में थे, तब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर ऐसा प्रतीत होता था कि बीजेपी के खिलाफ लड़ाई हो रही है, लेकिन जमीन पर स्थिति अलग थी। उनका दावा था कि वास्तविक राजनीतिक मुकाबला कांग्रेस और विपक्ष के खिलाफ हो रहा था।
उन्होंने कहा कि यह स्थिति उन्हें स्वीकार नहीं थी और इसी वजह से उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने का फैसला किया।
हुमायूं कबीर को लेकर भी लगाया आरोप
कांग्रेस में शामिल होने के बाद आसिम वकार ने पश्चिम बंगाल के नेता हुमायूं कबीर का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने पहले कबीर को बीजेपी का एजेंट बताया था और एक स्टिंग ऑपरेशन से इसकी पुष्टि होने का दावा किया।
आसिम वकार ने कहा कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद इस बात की जांच की जाएगी कि पैसा किसने दिया और वह कहां गया। ये बातें आसिम वकार ने कांग्रेस में शामिल होने के बाद अपने बयान में कहीं।
2027 के चुनाव पर कांग्रेस की नजर
उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच साथ मिलकर चुनाव लड़ने की तैयारी की बात सामने आई है। दोनों दल यूपी की सत्ता में वापसी और 2027 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
संदर्भ के मुताबिक, 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 399 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और उसे सिर्फ दो विधानसभा सीटों पर जीत मिली थी। वहीं AIMIM का प्रदर्शन भी शून्य सीटों तक सीमित रहा था।
अब AIMIM की कोशिश मुस्लिम वोटों को एकजुट करने और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसा प्रदर्शन दोहराने की है। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश में AIMIM के प्रमुख शौकत अली ने BJP की 'बी टीम' कहे जाने को लेकर कड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि अगर किसी ने पार्टी को BJP की 'B' टीम कहा तो कार्यकर्ता उसे जूते से मारेंगे।
ऐसे राजनीतिक माहौल में AIMIM के सीनियर नेता रहे आसिम वकार का कांग्रेस में शामिल होना उत्तर प्रदेश की आगामी चुनावी राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में सामने आया है।













