तमिलनाडु में धारापुरम विधानसभा सीट के उपचुनाव से पहले डीएमके और टीवीके के बीच जुबानी टकराव तेज हो गया है। टीवीके प्रमुख और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन पर अपनी पार्टी की उम्मीदवार पी. सत्यभामा के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है। विजय ने शनिवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर स्टालिन की कथित टिप्पणी की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार के दौरान सत्यभामा के रूप-रंग को लेकर टिप्पणी की गई और उनके बारे में अनुचित भाषा का इस्तेमाल हुआ।
विजय ने अपनी पोस्ट में कहा कि धारापुरम में उपचुनाव प्रचार के लिए आयोजित सभा में सत्यभामा को लेकर की गई टिप्पणी आपत्तिजनक थी। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमके नेताओं की ओर से महिलाओं के बारे में इस तरह की टिप्पणियां किए जाने का यह एक और उदाहरण है। विजय ने डीएमके की राजनीतिक शैली पर भी सवाल उठाए और कहा कि तमिलनाडु की जनता इस तरह की भाषा को देख रही है।
सत्यभामा की टिप्पणी को लेकर क्या है विवाद
धारापुरम उपचुनाव में टीवीके ने पी. सत्यभामा को अपना उम्मीदवार बनाया है। विवाद उस समय सामने आया जब चुनाव प्रचार के दौरान स्टालिन की ओर से सत्यभामा को लेकर कथित तौर पर कुछ टिप्पणियां की गईं। टीवीके नेताओं ने इन्हें उनके रूप-रंग पर टिप्पणी और बॉडी शेमिंग से जोड़ते हुए आपत्ति जताई है।
रिपोर्टों के मुताबिक, स्टालिन ने सत्यभामा को लेकर ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिन पर टीवीके ने सवाल उठाया। टीवीके का कहना है कि चुनावी बहस में उम्मीदवार के व्यक्तिगत रूप-रंग को निशाना बनाना उचित नहीं है। इस मुद्दे को लेकर पार्टी ने स्टालिन से सार्वजनिक माफी की मांग भी की है।
विजय ने डीएमके पर लगाए गंभीर आरोप
विजय ने अपने बयान में इस घटना को डीएमके की राजनीतिक संस्कृति से जोड़ते हुए पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के बारे में अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल राजनीतिक चर्चा का हिस्सा नहीं होना चाहिए। हालांकि, डीएमके की ओर से इस मामले में स्टालिन की कथित टिप्पणी को लेकर अलग पक्ष या स्पष्टीकरण संदर्भ सामग्री में उपलब्ध नहीं है।
विजय ने यह भी कहा कि वह तमिलनाडु की महिलाओं के बेटे और छोटे भाई के तौर पर इस तरह की टिप्पणियों का विरोध करते हैं। उन्होंने धारापुरम के मतदाताओं का जिक्र करते हुए डीएमके के खिलाफ प्रतिक्रिया देने की बात कही। उनके इस बयान को आगामी उपचुनाव के प्रचार के बीच डीएमके और टीवीके के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव के रूप में देखा जा रहा है।
टीवीके ने चुनाव आयोग में भी की शिकायत
मामला केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा। टीवीके ने स्टालिन की कथित टिप्पणी को लेकर चुनाव आयोग का रुख भी किया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सत्यभामा के खिलाफ की गई कथित टिप्पणी आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन हो सकती है और मामले में कार्रवाई की मांग की है।
टीवीके की शिकायत में कथित टिप्पणी से जुड़े वीडियो और ऑडियो रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग भी की गई है। पार्टी ने जरूरत पड़ने पर संबंधित कानूनों के तहत प्राथमिकी दर्ज करने और जांच की मांग की है।
उपचुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
धारापुरम सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है और इसके लिए डीएमके, टीवीके तथा अन्य दलों के नेता लगातार प्रचार कर रहे हैं। इसी चुनावी माहौल में विजय और स्टालिन के बीच बयानबाजी भी तेज हुई है।
इससे पहले स्टालिन ने भी विजय सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा था। ऐसे में सत्यभामा को लेकर सामने आया विवाद दोनों दलों के बीच चल रहे चुनावी टकराव का एक और मुद्दा बन गया है। फिलहाल इस मामले में टीवीके ने शिकायत और सार्वजनिक माफी की मांग के जरिए अपना पक्ष रखा है, जबकि उपलब्ध सामग्री में डीएमके की ओर से इस आरोप का जवाब शामिल नहीं है।













