
राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले में पुलिस ने REET 2021 परीक्षा के फर्जीवाड़े का लंबा पर्दाफाश किया है। पांच साल से फरार विजय सिंह उर्फ विजय देव, जो असली उम्मीदवार की जगह डमी कैंडिडेट बिठाने का मास्टरमाइंड था, आखिरकार पुलिस की विशेष टीम ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था और वह 2021 से लगातार फरार चल रहा था।
परीक्षा केंद्र पर हुआ था सनसनीखेज खुलासा
घटना 26 सितंबर 2021 की है, जब राव पीयूष सिंह कॉलेज, जखराना में REET परीक्षा आयोजित थी। परीक्षा केंद्र के प्राचार्य लोकेश कुमार ने बहरोड़ थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार, सुबह 9 बजे असली उम्मीदवार राहुल सिंह आईडी और एडमिट कार्ड लेकर अपनी सीट पर बैठ गया। करीब 20 मिनट बाद उसी नाम और रोल नंबर वाली आईडी लेकर एक और व्यक्ति कक्षा में घुसने की कोशिश करने लगा।
द्वार पर तैनात पर्यवेक्षक हरद्वारी लाल को शक हुआ और उन्होंने आईडी जांच की। जांच में पता चला कि सीट पर पहले से ही कोई बैठा है और दोनों की आईडी एक जैसी हैं। दूसरा व्यक्ति भागने लगा, लेकिन केंद्र पर्यवेक्षक मोनिका यादव और अधीक्षक लोकेश कुमार को सूचना देकर उसे रोक लिया गया। यह खुलासा फर्जीवाड़े का पूरे मामले को सामने लाया और थाना बहरोड़ में मुकदमा दर्ज हुआ।
पहले भी हुई थीं गिरफ्तारियां, लेकिन आरोपी बच निकला
27 सितंबर 2021 को असली उम्मीदवार राहुल सिंह और डमी कैंडिडेट सौरव सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया। हालांकि, रैकेट में शामिल अन्य दो आरोपी – ऋषिपाल पुत्र देशराज (रामसर, अलीगढ़, यूपी) और विजय सिंह उर्फ विजय देव – भागने में सफल रहे। पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें पकड़ने में नाकामी के बाद कोटपूतली-बहरोड़ के पुलिस अधीक्षक ने दोनों पर 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया।
विशेष टीम की मेहनत रंग लाई
थानाधिकारी विक्रांत शर्मा ने बताया कि इनामी अपराधियों को पकड़ने के लिए थाना बहरोड़ की विशेष टीम बनाई गई थी। विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद टीम ने छापेमारी की और विजय सिंह को पकड़ लिया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि पूरे फर्जीवाड़ा नेटवर्क का खुलासा किया जा सके और अन्य जुड़े लोगों को भी गिरफ्तार किया जा सके।














