राजस्थान में विकास और हरित परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने मंगलवार को कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत की। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर स्थित एचसीएम रीपा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के अलग-अलग शहरों में करीब 3,500 करोड़ रुपये की लागत वाले विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस मौके पर कुल 71 पीएम ई-बसों का भी शुभारंभ किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूलमंत्र के अनुरूप डबल इंजन सरकार राजस्थान को विकसित बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रीन और क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देने के साथ शुरू की जा रही ये परियोजनाएं ‘विकसित राजस्थान-2047’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगी।
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को आर्थिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा और प्रदूषण मुक्त भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार, ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए पीएलआई स्कीम और पीएम ई-ड्राइव जैसी पहलों से देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल का इकोसिस्टम मजबूत हुआ है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 के बाद देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री करीब 46 गुना बढ़ी है। राजस्थान में भी पीएम ई-बसों के संचालन की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।
जयपुर समेत कई शहरों को मिली ई-बसों की सौगात
कार्यक्रम में 71 पीएम ई-बसों का शुभारंभ किया गया। इनमें जयपुर और भीलवाड़ा के लिए 24 ई-बसों को जयपुर से रवाना किया गया, जबकि अलवर, अजमेर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर के लिए 47 ई-बसों का वर्चुअल शुभारंभ किया गया।
इन बसों के साथ राज्य के अलग-अलग शहरों में सार्वजनिक परिवहन को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी से जोड़ने की पहल को आगे बढ़ाया गया है।
श्रमिकों को 154 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता
कार्यक्रम के दौरान श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत 1 लाख 32 हजार 421 श्रमिकों और उनके आश्रितों के खातों में 154 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई। इसके अलावा श्रमिकों को डिजिटल गैस डिटेक्टर और फायर रेस्क्यू किट भी वितरित किए गए।
स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश के विकास के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जल, बिजली, सड़क, शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार जैसे बुनियादी क्षेत्रों पर काम कर रही है। खर्रा ने उम्मीद जताई कि राजस्थान आने वाले समय में समस्याविहीन और विकसित प्रदेश के रूप में अपनी अलग पहचान बनाएगा।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, सांसद मंजू शर्मा तथा विधायक कालीचरण सराफ, गोपाल शर्मा और कैलाश वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।
इन परियोजनाओं का हुआ लोकार्पण
सरकार की ओर से कई स्वास्थ्य, सड़क, स्वच्छता और शहरी विकास परियोजनाओं को जनता को समर्पित किया गया। इनमें प्रमुख रूप से:
आरयूएचएस जयपुर में 128-स्लाइस सीटी स्कैन और 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीन की सुविधा।
आरयूएचएस जयपुर में 18 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित स्नातक छात्रावास।
एसएमएस अस्पताल के आयुष्मान टावर के तहत कार्डियोवैस्कुलर साइंसेज संस्थान।
चांदपोल स्थित जनाना अस्पताल में 51 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार नया आईपीडी टावर।
झोटवाड़ा के अभयपुर और दूदू विधानसभा क्षेत्र के रेहलाना में उप स्वास्थ्य केंद्र।
राजस्थान पुलिस अकादमी में 12 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 300 प्रशिक्षुओं की क्षमता वाला महिला छात्रावास।
अजमेर में करीब 24 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण और सुदृढ़ीकरण के कार्य।
प्रदेश के नगरीय निकायों में 109 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाए गए 395 पिंक टॉयलेट समेत कुल 506 शौचालय।
57 नगरीय निकायों में करीब 19 करोड़ रुपये की लागत से एलईडी स्ट्रीट लाइट और अन्य विकास कार्य।
76 अपशिष्ट प्रबंधन परियोजनाओं का शिलान्यास
कार्यक्रम में नगरीय क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 625 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 76 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया।
इसके अलावा अमृत 2.0 योजना के तहत जयपुर नगर निगम क्षेत्र में 465 करोड़ रुपये से अधिक के सीवरेज कार्यों की शुरुआत की गई। इन परियोजनाओं के तहत 507 किलोमीटर से अधिक लंबी सीवर लाइन बिछाने का प्रस्ताव है। इससे करीब 52 हजार आवासों को सीवर कनेक्शन मिलेगा और लगभग 13 लाख लोगों को लाभ मिलने की बात कही गई है।
जयपुर में ट्रैफिक सुधार के लिए कई परियोजनाएं
राजधानी जयपुर में यातायात व्यवस्था को बेहतर करने के लिए 81 करोड़ रुपये की लागत से सात कार्यों का शिलान्यास किया गया। इनमें करतापुरा नाले के पास अंडरब्रिज और अजमेर रोड स्थित पुरानी चुंगी जंक्शन पर अंडरब्रिज का निर्माण शामिल है।
इसके साथ ही सीकर रोड, महल रोड और न्यू सांगानेर रोड पर यू-टर्न तथा सब-वे से जुड़े कार्य भी प्रस्तावित हैं। टोंक रोड और महल रोड को जोड़ने के लिए करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से यातायात विकास कार्यों की भी शुरुआत की गई।
सौर ऊर्जा और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े कार्य भी शामिल
द्रव्यवती नदी पर 35 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से रूफटॉप सोलर परियोजना का भी शिलान्यास किया गया। वहीं झोटवाड़ा, जयपुर में सैटेलाइट चिकित्सालय समेत विभिन्न विकास कार्यों की भी शुरुआत की गई।
सरकार के अनुसार स्वास्थ्य, शहरी आधारभूत ढांचे, स्वच्छता, परिवहन, सड़क और ऊर्जा से जुड़ी इन परियोजनाओं के जरिए प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने का प्रयास किया जा रहा है।














