
अजमेर जिले के किशनगढ़ क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार बनाने वाली एक फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। यह फैक्ट्री कांकनियावास गांव में एक पंचर की दुकान की आड़ में संचालित की जा रही थी। पुलिस की इस छापेमारी के दौरान कई ऐसे खुलासे हुए हैं, जिन्होंने सभी को चौंका दिया। सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि आरोपियों ने हथियार बनाने की कला किसी प्रशिक्षण केंद्र से नहीं, बल्कि यूट्यूब वीडियो देखकर सीखी थी।
इस मामले में पुलिस ने पहले एक आरोपी को गिरफ्तार किया था, जबकि दूसरे आरोपी को बुधवार को दबोचा गया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क के तार एक कुख्यात गैंग से जुड़े हुए हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
कुख्यात गैंग से जुड़े तार, हिस्ट्रीशीटर आरोपी गिरफ्तार
मामले की जानकारी देते हुए आईपीएस अजय सिंह राठौड़ ने बताया कि पहले आरोपी मोहम्मद रोशन (28) को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पुलिस ने नरेश चौधरी (35) को भी पकड़ लिया, जो एक हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ पहले से 7-8 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी मिलकर संगठित तरीके से अवैध हथियारों का निर्माण और उनकी सप्लाई कर रहे थे।
बलराम जाट से जुड़े कनेक्शन की जांच
जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस गिरोह के संबंध कुख्यात अपराधी बलराम जाट से हो सकते हैं, जो फिलहाल अजमेर सेंट्रल जेल में बंद है। बलराम जाट का नाम पहले भी कई संगीन मामलों में सामने आ चुका है। वर्ष 2011 में एक कांग्रेस विधायक के बेटे के अपहरण और हत्या के मामले में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा 2019 में जेल से ही एक मुख्य गवाह की हत्या करवाने का आरोप भी उस पर लगा था। हाल ही में 2025 में रूपनगढ़ में हुई फायरिंग की घटना में भी इस गैंग का नाम सामने आया था।
यूट्यूब बना हथियार बनाने की ट्रेनिंग का जरिया
पूछताछ में एक और चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि आरोपियों ने हथियार बनाने की पूरी प्रक्रिया यूट्यूब के जरिए सीखी। इसके बाद उन्होंने अपनी पंचर की दुकान को ही अवैध हथियार निर्माण का अड्डा बना लिया, जहां देशी कट्टे और अन्य हथियार तैयार किए जाते थे।
छापेमारी में भारी मात्रा में सामान बरामद
पुलिस ने मौके से 5 तैयार अवैध हथियार, कई अधबने कट्टे, हथियारों की नाल, ग्राइंडर, ड्रिल मशीन, वेल्डिंग मशीन, बारूद और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। यह बरामदगी इस बात का संकेत देती है कि यहां बड़े स्तर पर हथियार बनाए जा रहे थे।
आगे की जांच में जुटी पुलिस
यह कार्रवाई अजमेर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाल की निगरानी में की गई। सिटी सीओ अजय सिंह राठौड़ के नेतृत्व में टीम ने सटीक सूचना के आधार पर कांकनियावास गांव में छापा मारा और इस फैक्ट्री का खुलासा किया। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं यह नेटवर्क बड़े गैंग्स को अवैध हथियार सप्लाई तो नहीं कर रहा था।














