
जयपुर: दुनिया के सबसे लंबे व्यक्तियों में से एक माने जाने वाले करण सिंह ने रविवार को नाहरगढ़ स्थित जयपुर वैक्स म्यूजियम का विशेष दौरा किया। अपनी असाधारण ऊंचाई, 8.2 फीट, के कारण लोगों का ध्यान आकर्षित करने वाले करण सिंह को देखते ही म्यूजियम में मौजूद पर्यटक उत्साह से भर उठे। कई लोग उनके साथ फोटो और सेल्फी लेने के लिए लाइन में लग गए।
म्यूजियम के संस्थापक निदेशक अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि करण सिंह अपने कुछ दोस्तों के साथ मेरठ से जयपुर आए थे। म्यूजियम में मौजूद जीवंत वैक्स प्रतिमाएं, इतिहास से जुड़े विस्तृत विवरण और कलाकारों की बारीकी उनके लिए बेहद आकर्षक साबित हुईं। उन्होंने म्यूजियम में प्रवेश करते ही हर मूर्ति का ध्यानपूर्वक अवलोकन किया और लगातार अपने अनुभव साझा करते रहे।

महाराणा प्रताप की प्रतिमा ने किया प्रभावित
हालांकि, सबसे अधिक प्रभाव महाराणा प्रताप की प्रतिमा ने छोड़ा। सिंह ने बताया कि वे इतिहास विशेषकर वीरों के कथाओं के बड़े प्रशंसक हैं और प्रतिमा में दिखाई गई दृढ़ता एवं शौर्य का चित्रण उन्हें बेहद प्रेरक लगा। प्रतिमा के सामने खड़े होकर उन्होंने कई तस्वीरें खिंचवाईं। उनका कहना था कि म्यूजियम में प्रदर्शित कृतियां न सिर्फ देखने योग्य हैं बल्कि उनमें इतिहास की आत्मा भी झलकती है।

अमिताभ बच्चन और अन्य शख्सियतों की प्रतिमाएं भी रहीं आकर्षण का केंद्र
करण सिंह ने म्यूजियम में स्थापित बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन की प्रतिमा की भी खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि वैक्स आर्टिस्ट्स ने जिस तरह से अभिव्यक्तियों और वास्तविक व्यक्तित्व को पकड़ने का प्रयास किया है, वह काबिल–ए–तारीफ है।
शीश महल की सुंदरता ने मोहित किया
दौरे के दौरान करण सिंह शीश महल भी पहुंचे, जिसकी भव्यता ने उन्हें मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने बताया कि जैसे ही वे अंदर गए, दीवारों पर पड़ती रोशनी, दर्पणों का चमकदार प्रतिबिंब और पूरा वातावरण किसी राजसी अनुभूति की तरह था। उनके शब्दों में, “यह कमरा सिर्फ कांच का नहीं, बल्कि कला, रोशनी और बारीक कारीगरी का अद्भुत संगम है।”
कर्मचारियों और पर्यटकों में दिखा उत्साह
म्यूजियम स्टाफ से लेकर आम पर्यटकों तक, हर कोई करण सिंह से मिलकर रोमांचित दिखाई दिया। कई लोग उनकी ऊंचाई के पास खड़े होकर अपनी तस्वीरें लेते रहे, वहीं बच्चे उत्सुकता से उनसे सवाल पूछते दिखे। उनकी उपस्थिति ने म्यूजियम के माहौल को बेहद जीवंत और यादगार बना दिया।














