
जयपुर की सेंट्रल जेल से शनिवार तड़के हुई जेल ब्रेक की घटना ने पूरे प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। चोरी के मामलों में बंद दो कैदी—अनस और नवल किशोर—रात करीब 3:30 बजे हाई-सिक्योरिटी जेल की तीन परतों वाली सुरक्षा को धता बताते हुए भागने में सफल हो गए। 25 फीट ऊंची दीवार पार करने के बाद दोनों हवा में गुम हो गए और जेल स्टाफ को भनक तक नहीं लगी। मामला सामने आने के बाद जेल प्रशासन और पुलिस विभाग पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
योजनाबद्ध तरीके से रचा गया फरार होने का खेल
फरार हुए कैदियों की पहचान अनस (जिसे 15 सितंबर को सांगानेर से चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था) और नवल किशोर (17 सितंबर को मालपुरा से गिरफ्तार) के रूप में हुई है। दोनों 13 नंबर बैरक में बंद थे और उन्होंने जेल से निकलने की पूरी योजना पहले से बना रखी थी। मौका मिलते ही उन्होंने चौकसी कर रहे तीन गार्डों को चकमा दिया और आगे बढ़ गए।
पाइप बना हथियार, दीवार बनी सीढ़ी
मुलाकात कक्ष के पास रखे गए एक रबड़ के पाइप ने इन कैदियों की पूरी साजिश को सफल बना दिया। यह पाइप आमतौर पर एक बॉक्स में बंद रहता है, लेकिन दोनों ने चुपके से इसे निकाल लिया। पाइप को उन्होंने रस्सी की तरह इस्तेमाल किया और सीधे 25 फीट ऊंची दीवार तक पहुंच गए। खास बात यह है कि यह दीवार हाइटेंशन बिजली की तारों से घिरी रहती है, मगर कैदियों ने रबड़ पाइप का इस्तेमाल कर तारों से खुद को बचा लिया। इसके बाद दोनों अंधेरे का फायदा उठाते हुए बाहर निकल गए।
हाई-सिक्योरिटी जेल में सेंध, प्रशासन पर उठे सवाल
हाई-सिक्योरिटी मानी जाने वाली जयपुर सेंट्रल जेल से इस तरह दो कैदियों का भाग निकलना प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है। घटना की जानकारी मिलते ही जेल अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया।
शहर में नाकेबंदी, पुलिस अलर्ट
फरार कैदियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने कई टीमें गठित की हैं। जयपुर और आसपास के सभी एंट्री-एग्जिट प्वाइंट्स पर नाकेबंदी कर दी गई है। वहीं, आम जनता से अपील की जा रही है कि अगर उन्हें अनस और नवल किशोर के बारे में कोई सुराग मिले तो तुरंत पुलिस को जानकारी दें।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू
यह घटना इस बात का प्रमाण है कि जेल की सुरक्षा व्यवस्था में कई खामियां हैं। अब प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस मामले की गहन जांच होगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों को और सख्त करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।














