
जयपुर: राजधानी जयपुर की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। जेल में अब एक वाई-फाई डोंगल मिलने का मामला सामने आया है। इससे पहले जेल में कई बार की-पेड मोबाइल और एंड्रॉयड फोन मिलने की घटनाएं भी उजागर हो चुकी हैं। इस बार सुरक्षा में चूक का खुलासा होने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस मामले में लालकोठी थाने में प्रिजनर्स एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
जेल प्रहरी की रिपोर्ट पर दर्ज हुआ मुकदमा
लालकोठी थानाधिकारी प्रकाशराम ने बताया कि जेल प्रहरी राजेश सिंह तंवर ने 17 नवंबर को बिजली कोठरी के स्टोर रूम में आकस्मिक तलाशी के दौरान एक लावारिस वाई-फाई डोंगल बरामद किया। डोंगल को जब्त कर लिया गया है और अज्ञात शख्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। इस जांच का काम हेड कांस्टेबल जुगल किशोर को सौंपा गया है।
तीन महीनों में 50 से अधिक मोबाइल बरामद
सूत्रों के अनुसार, इस साल अगस्त से सितंबर के बीच सेंट्रल जेल में 50 से अधिक मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं। इनमें से कई बार मोबाइल बंदियों के पास पाए गए, जबकि कुछ बार लावारिस हालत में मिले। लगातार इस तरह की घटनाओं में वृद्धि होने पर गांधीनगर एसीपी की अगुवाई में एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन भी किया गया था। फिलहाल, जेल में मोबाइल और सिम पहुँचाने वाले नेटवर्क की कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आ पाई है।
जेल प्रशासन और पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि किस तरह से तकनीकी उपकरण और मोबाइल जेल में पहुँच रहे हैं, ताकि भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।














