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जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि "हिंदू कभी आतंकी नहीं हो सकता", यह हमारे संस्कारों का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मालेगांव मामले में जिस तरह से निर्दोष संतों और साधु-संतों को बदनाम किया, वह शर्मनाक था। उनका यह बयान मालेगांव विस्फोट मामले में आए हालिया फैसले के बाद आया, जिसमें कोर्ट ने कई आरोपियों को बरी कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वे कांग्रेस के नेताओं से बात करते हैं, तो उन्हें यह बात चुभती है कि मुख्यमंत्री मंदिर क्यों जाते हैं। इस पर सीएम शर्मा ने स्पष्ट किया कि "क्या मैं अपने आस्था स्थलों पर नहीं जा सकता? यह मानसिकता बदलनी होगी।"
उन्होंने कहा कि "हमारे गृह मंत्री ने हाल ही में कहा था कि हिंदू कभी आतंकी नहीं हो सकता, क्योंकि हमारे संस्कार ही ऐसे हैं। हम तो वसुधैव कुटुंबकम की भावना के साथ चलते हैं। हमारे मन में समस्त प्राणियों के प्रति करुणा होती है। हम तो पैर रखते समय भी सोचते हैं कि कहीं चींटी न आ जाए।"
सीएम शर्मा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने हमेशा वोटबैंक की राजनीति की है और तुष्टिकरण को आधार बनाकर समाज को बांटने का काम किया है। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस ने ‘हिंदू टेरर’ जैसा शब्द गढ़कर इस देश के बहुसंख्यक समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाई। उसने निर्दोष लोगों को जेलों में डाला, साधु-संतों की छवि खराब की, और अब जब सच्चाई सामने आ रही है, तो वह चुप बैठी है।”
राजस्थान की राजनीति में यह बयान एक नई बहस को जन्म दे सकता है, खासकर तब जब आगामी वर्षों में विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू हो चुकी है। सीएम शर्मा के बयान को भाजपा के हिंदुत्व और राष्ट्रवादी एजेंडे से भी जोड़ा जा रहा है, जो कि कांग्रेस की धर्मनिरपेक्षता की राजनीति से बिल्कुल विपरीत है।
कांग्रेस की ओर से इस बयान पर कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि इस विवादास्पद टिप्पणी से सियासी माहौल गर्म हो सकता है। आने वाले दिनों में यह बयान चुनावी भाषणों और बहसों का मुख्य मुद्दा बन सकता है।














