
राजस्थान के नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल इन दिनों लगातार मुश्किलों से घिरते नज़र आ रहे हैं। मानो एक के बाद एक झटका उन्हें झकझोर रहा हो। मंगलवार को जहां उनके नागौर स्थित निजी आवास की बिजली 11 लाख रुपये के बकाया बिल के चलते काट दी गई, वहीं अब उनके लिए एक और झटका सामने आया है — उन्हें अपना सरकारी आवास खाली करने का आदेश भी जारी कर दिया गया है।
हर किसी के जीवन में ऐसा समय आता है जब निजी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर दबाव महसूस होता है, और फिलहाल बेनीवाल इसी दौर से गुजर रहे हैं। संपदा अधिकारी एवं एडीएम ज्यूडिशियल ने नोटिस जारी करते हुए 11 जुलाई तक आदेश की पालना करने का निर्देश दिया है। यह नोटिस सिर्फ बेनीवाल को ही नहीं, बल्कि आरएलपी के पूर्व विधायकों, नारायण बेनीवाल और पुखराज गर्ग को भी भेजा गया है।
आवास पर चस्पा हुआ नोटिस, संवेदनशील लहज़े में चेतावनी
बुधवार देर रात जब लोगों की ज़िंदगी थम सी जाती है, तब इन नेताओं के सरकारी आवासों पर नोटिस चस्पा किया गया। यह कदम बताता है कि सरकार अब बिना अधिकृत अधिकार के सरकारी संपत्तियों पर कब्जा बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। नोटिस में सख्त शब्दों में लिखा गया है कि सरकारी आवास जल्द खाली करें, नहीं तो क़ानूनी कार्रवाई तय है।
यह नोटिस संपदा अधिकारी और एडीएम ज्यूडिशियल की ओर से जारी हुआ है। इसमें कहा गया है कि पीडब्ल्यूडी विभाग ने ज्योति नगर और जालूपुरा क्षेत्र के आवासों को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई। पहले भी इन्हें नोटिस मिल चुके थे, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब सामने नहीं आया।
बदले की भावना से कार्रवाई का आरोप
सांसद हनुमान बेनीवाल ने इसे व्यक्तिगत और राजनीतिक हमले की तरह देखा है। उनका कहना है कि सरकार उनके खिलाफ बदले की भावना से काम कर रही है, क्योंकि वह लगातार केंद्र और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं संपदा विभाग ने इसे नियमों के तहत की गई सामान्य प्रक्रिया बताया है और स्पष्ट कर दिया है कि विधायक न रहने की स्थिति में सरकारी मकान में रहना नियमों के खिलाफ है।
निजी झटका भी बना सियासी बहस का हिस्सा
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि बेनीवाल राजस्थान की नागौर लोकसभा सीट से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सांसद हैं। मंगलवार को जब उनका निजी बिजली कनेक्शन काटा गया, तब यह एक सामान्य प्रशासनिक कदम लग सकता था, लेकिन अब सरकारी आवास खाली करने का फरमान भी आ गया है, जिससे उनके लिए राजनीतिक और निजी मोर्चों पर संकट गहरा गया है।
ज्योति मिर्धा की व्यंग्यात्मक टिप्पणी
वहीं, दूसरी ओर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा ने भी इस अवसर को छोड़ने का मौका नहीं गंवाया। उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) पर एक मकान के बाहर छाते की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा — "तैयारी पूरी है।" यह पोस्ट भले ही प्रतीकात्मक हो, लेकिन इसके राजनीतिक मायने बेनीवाल के नोटिस से जोड़कर देखे जा रहे हैं।
ज्योति मिर्धा और हनुमान बेनीवाल के बीच की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता किसी से छुपी नहीं है। लोकसभा चुनाव में मिर्धा को भाजपा से टिकट मिला था, लेकिन उन्हें हनुमान बेनीवाल से हार का सामना करना पड़ा था। दोनों के बीच कड़वे बयान और आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला हमेशा चर्चा में रहा है।














