
राजस्थान की राजनीति उस वक्त गरमा गई जब आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने अपना गुस्सा सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर उतारा। वजह थी – उनके घर का बिजली कनेक्शन काटा जाना। बेनीवाल ने तीखे शब्दों में सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “अगर भजनलाल में दम है तो मेरा एनकाउंटर करवा दें या किसी मामले में गिरफ्तार करवा लें। ऐसी छोटी हरकतों से कुछ नहीं होगा।” उनकी ये तीखी टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिससे साफ है कि मामला अब आम जनता की नजरों में भी आ गया है।
“कनेक्शन मेरे नाम से है ही नहीं”
मीडिया से बात करते हुए बेनीवाल ने अपनी सफाई में कहा कि बिजली विभाग की ये कार्रवाई एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई है। उन्होंने कहा, “मेरे घर का कनेक्शन मेरे नाम से है ही नहीं। ये मेरे भाई के नाम पर है। इसके बावजूद मुझे बदनाम करने के लिए मेरे घर पर बिजली काटने की खबर फैलाई गई।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों को कहा गया कि चोरी-छिपे पोल से कनेक्शन काटो और मीडिया को दिखाओ कि बिल नहीं चुकाया गया, इसलिए कार्रवाई की गई है।
बिजली विभाग की अपनी दलील
बिजली विभाग की मानें तो करीब 11 लाख रुपये का बिल लंबे समय से बकाया था, जिसके लिए कई बार नोटिस भेजे गए थे। जून 2025 तक यह बकाया बढ़कर 10 लाख 75 हजार से अधिक हो गया था। विभाग के मुताबिक बार-बार नोटिस के बाद भी जब भुगतान नहीं हुआ तो अंततः कनेक्शन काटने की कार्रवाई की गई।
प्रेमसुख बेनीवाल को भेजे गए थे 5 नोटिस
जिस कनेक्शन को काटा गया, वह हनुमान बेनीवाल के बड़े भाई प्रेमसुख बेनीवाल के नाम पर था। विभाग के अनुसार प्रेमसुख को मार्च 2025 में सिर्फ 2 लाख रुपये जमा कराए गए थे और बाकी राशि किस्तों में देने की बात कही गई थी। उन्होंने समझौता समिति में मामला लेने का आवेदन भी किया था, लेकिन आज तक समझौता फीस जमा नहीं की। आखिरकार विभाग को सख्त कदम उठाना पड़ा।
कई कनेक्शन एक साथ काटे गए
बिजली विभाग ने स्पष्ट किया कि न सिर्फ प्रेमसुख बेनीवाल का, बल्कि अन्य ऐसे कनेक्शन भी काटे गए जिनमें बकाया राशि ज्यादा थी। हालांकि अधिकारियों ने इस मुद्दे पर औपचारिक रूप से मीडिया से बात नहीं की।














