
हिंडौन सिटी की सियासत उस वक्त गरमा गई जब कांग्रेस विधायक अनीता जाटव के खिलाफ शहर भर में विरोधी पोस्टर दिखाई देने लगे। सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए इन पोस्टरों में बड़े अक्षरों में नारे लिखे गए हैं— ‘कमीशन खोर गद्दी छोड़’। नगर परिषद क्षेत्र की विज्ञापन होर्डिंग्स पर चस्पा ये पोस्टर लोगों का ध्यान खींच रहे हैं और चर्चा का विषय बन गए हैं। यही नहीं, इन पोस्टरों की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी तेजी से वायरल हो रही हैं, जिससे राजनीतिक माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस पार्टी ने भी सख्त रुख अपनाते हुए अपनी ही विधायक अनीता जाटव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (AICC) ने उनसे सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
सोशल मीडिया पर स्टिंग वीडियो ने बढ़ाई हलचल
शनिवार सुबह सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। एक अखबार ने इस वीडियो को स्टिंग ऑपरेशन बताया है। वायरल क्लिप में कांग्रेस विधायक अनीता जाटव के साथ भाजपा विधायक रेवंत राम डांगा और निर्दलीय विधायक रितु बानावत भी नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो विधायक निधि से संबंधित फंड स्वीकृति के बदले कथित रूप से रिश्वत मांगे जाने के आरोपों से जुड़ा है। वीडियो के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई और आम जनता के बीच भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
कांग्रेस ने मांगा जवाब, कार्रवाई के संकेत
मामले की गंभीरता को देखते हुए AICC ने विधायक अनीता जाटव को भेजे गए नोटिस में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वह पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें और तथ्यों के साथ पार्टी नेतृत्व को अवगत कराएं। नोटिस में यह भी कहा गया है कि यदि सात दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो पार्टी आगे अनुशासनात्मक कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी। उल्लेखनीय है कि अनीता जाटव ने पहली बार कांग्रेस के टिकट पर करौली जिले की हिंडौन विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। पार्टी ने उस समय पांच बार के विधायक भरोसीलाल जाटव का टिकट काटकर उन पर भरोसा जताया था। अब इस विवाद के चलते न केवल विधायक की छवि पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति भी सुर्खियों में आ गई है।














