
नवरात्रि के पावन अवसर पर एक खास मुलाकात ने सांस्कृतिक गौरव और राजनीतिक संवाद—दोनों को एक साथ सामने ला दिया। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को संसद भवन परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं रही, बल्कि इसमें परंपरा, कला और विकास के संदेश का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
इस खास अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री को चंदन की लकड़ी से निर्मित मां दुर्गा की एक बेहद आकर्षक और आध्यात्मिक प्रतिमा भेंट स्वरूप प्रदान की। इस उपहार की सबसे बड़ी विशेषता इसका कलात्मक और पारिवारिक विरासत से जुड़ा होना है। इस मूर्ति को जयपुर के प्रसिद्ध शिल्पकार मोहित जांगिड़ ने तैयार किया है, जिनका परिवार पीढ़ियों से चंदन की बारीक नक्काशी की परंपरा को संजोए हुए है। इस परिवार की कला साधना का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इनके 11 सदस्य अब तक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं।
मां दुर्गा की यह प्रतिमा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि भारतीय शिल्पकला की उत्कृष्टता का भी जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करती है। इसमें की गई सूक्ष्म नक्काशी, देवी के चेहरे के भाव और पारंपरिक अलंकरण इसे विशेष बनाते हैं। नवरात्रि जैसे शुभ अवसर पर इस तरह की भेंट भारतीय संस्कृति, श्रद्धा और कलाकारों के समर्पण को दर्शाती है। यह उपहार राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और वहां के कारीगरों की अद्भुत प्रतिभा का प्रतिनिधित्व करता है।
मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चल रही योजनाओं, बुनियादी ढांचे के विकास और जनकल्याणकारी पहल की जानकारी प्रधानमंत्री को दी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में राजस्थान निरंतर प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शी सोच और नीतिगत समर्थन राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राजस्थान की जनता के प्रति प्रधानमंत्री का विशेष लगाव राज्य को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करता है। इस मुलाकात ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि परंपरा और प्रगति का संगम ही देश को आगे ले जाने की असली ताकत है।














