बीकानेर। न्यायालय परिसर में महिला अधिवक्ताओं के लिए पृथक बार रूम की व्यवस्था किए जाने की मांग को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता सकीना बानों के नेतृत्व में महिला वकीलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से महिला अधिवक्ताओं ने वर्तमान बार रूम व्यवस्था में आवश्यक संशोधन करते हुए उनके लिए एक अलग कक्ष आरक्षित करने की मांग रखी।
ज्ञापन में बताया गया कि नए न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के उपयोग के लिए दो कॉमन बार रूम बनाए गए हैं। इनमें एक भूतल पर स्थित है, जबकि दूसरा प्रथम तल पर संचालित हो रहा है। भूतल स्थित बार रूम को न्यायालय प्रशासन ने इस शर्त के साथ उपलब्ध कराया है कि किसी भी अधिवक्ता का उस पर स्थायी अधिकार नहीं होगा और आवश्यकता के अनुसार सभी अधिवक्ता उसका उपयोग कर सकेंगे। वहीं प्रथम तल पर बने बार रूम में कुछ अधिवक्ताओं ने स्थायी रूप से बैठने की व्यवस्था कर ली है तथा वहां टेबल-कुर्सियां लगाकर नियमित रूप से कार्य किया जा रहा है।
महिला अधिवक्ताओं ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि वर्तमान समय में न्यायालय परिसर में उनके लिए अलग से कोई बार रूम उपलब्ध नहीं है। उनका कहना है कि महिला अधिवक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और उनके लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना समय की जरूरत है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय भी महिला अधिवक्ताओं के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास और उपलब्धता पर विशेष बल देता रहा है। इसके अलावा पुराने न्यायालय परिसर में महिला कॉमन रूम मौजूद है, लेकिन उसका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि बड़ी संख्या में महिला अधिवक्ता दूर-दराज़ क्षेत्रों से न्यायालय में कार्य करने के लिए आती हैं। ऐसे में उन्हें बैठने, विश्राम करने और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए एक सुरक्षित एवं सुविधाजनक स्थान की आवश्यकता रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मांग की गई कि भूतल या प्रथम तल पर स्थित दोनों कॉमन बार रूम में से किसी एक को महिला अधिवक्ताओं के लिए आरक्षित किया जाए, ताकि उन्हें बेहतर कार्य वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
महिला अधिवक्ताओं का कहना है कि पृथक बार रूम उपलब्ध होने से उन्हें न्यायालय परिसर में अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और व्यवस्थित माहौल मिलेगा, जिससे वे अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन और अधिक सहजता से कर सकेंगी।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ अधिवक्ता सकीना बानों के साथ एडवोकेट हरशन खान, एडवोकेट निशा कादरी, एडवोकेट प्रियंका, एडवोकेट तारा भाटी, एडवोकेट बेनजीर, एडवोकेट नीलम, एडवोकेट काव्या तथा एडवोकेट गुरजीत शामिल रहीं।
महिला अधिवक्ताओं द्वारा सौंपे गए इस ज्ञापन की एक प्रति बीकानेर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को भी प्रेषित की गई है, ताकि इस मांग पर बार एसोसिएशन स्तर पर भी आवश्यक विचार-विमर्श कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।














