
जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य में 'सहकार सदस्यता अभियान' का औपचारिक शुभारंभ किया। यह अभियान 2 से 15 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में चलेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सहकारिता की सामाजिक और आर्थिक भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि सरकार इस क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल कर रही है। उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सहकारिता में कई रावण हैं, जिन्हें समाप्त करना आवश्यक है, क्योंकि कांग्रेस ने इसे भ्रष्टाचार का गढ़ बना दिया था। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सहकार से समृद्धि' विज़न और नई सहकारिता नीति के अनुरूप सहकारिता के दायरे को बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
भ्रष्टाचार और दशहरा का संदेश
भजनलाल शर्मा ने कहा, "आज दशहरा है, इसलिए सहकारिता में भ्रष्टाचार के रावणों को खत्म करना आवश्यक है। कांग्रेस ने भ्रष्टाचार के कारण सहकारिता की फाइलों के पन्नों को फाड़ दिया। जिस सहकारिता के जरिए किसानों को आर्थिक मजबूती दी जा सकती थी, उसी सहकारिता के जरिए किसानों को कर्ज के बोझ तले दबाया गया। लेकिन अब डबल इंजन की सरकार के तहत उनके कारनामे बेनकाब होंगे और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।"
माइक खराबी से हुई असुविधा
मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान कई बार माइक में खराबी आई, जिससे उनकी बात लोगों तक ठीक से नहीं पहुँच सकी। समारोह में बैठे लोग कई बार सरकार की नीतियों और सहकारिता सुधारों के बारे में उनकी बातों को अधूरा सुन पाए। मुख्यमंत्री के चेहरे पर गंभीरता स्पष्ट दिखी, जैसा कि हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी के बांसवाड़ा दौरे के दौरान भी देखा गया था, जब संवाद के दौरान माइक में समस्या आई थी।
सहकार सदस्यता अभियान की रूपरेखा
राज्य में कुल 8,200 से अधिक पैक्स (प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियाँ) के स्तर पर इस अभियान के अंतर्गत शिविर आयोजित किए जाएंगे। महिलाओं और युवाओं को सहकारी समितियों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अभियान के दौरान नई पैक्स के गठन, सदस्यता राशि प्राप्ति, भूमिहीन पैक्स में गोदाम निर्माण के लिए भूमि आवंटन जैसे कार्य किए जाएंगे। इसके साथ ही नवीन सहकारी कानून के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी जनसाधारण तक पहुँचाने और पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लंबित आवेदन की ई-केवाईसी एवं आधार सीडिंग का कार्य भी किया जाएगा।
अधिकारियों की मॉनिटरिंग और ज़ोनवार योजना
सहकारिता मंत्री गौतम दक ने बताया कि अभियान अवधि के दौरान प्रतिदिन शिविरों का आयोजन किया जाएगा। एक दिन में न्यूनतम 155 और अधिकतम 769 पैक्स में शिविर होंगे। अभियान के दौरान अजमेर जोन में 1,443, भरतपुर में 826, जोधपुर में 1,436, उदयपुर में 1,399, कोटा में 815, बीकानेर में 1,099 और जयपुर में 1,276 पैक्स में शिविर आयोजित किए जाएंगे। जिन ग्राम पंचायतों में अभी तक पैक्स का गठन नहीं हुआ है, वहां 'ग्रामीण सेवा शिविरों' के तहत अभियान से संबंधित गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी।
सहकारिता नेटवर्क का विस्तार और किसानों को लाभ
मंत्री गौतम दक ने बताया कि नए सदस्यों के जुड़ने से राज्य का सहकारी आंदोलन और मजबूत होगा। सभी ग्राम पंचायतों में पैक्स का गठन होने से सहकारिता का नेटवर्क व्यापक होगा। भूमिहीन पैक्स को भूमि आवंटित होने से नए गोदाम बनेंगे, जिससे अन्न की बर्बादी रोकी जा सकेगी। किसानों को कम दाम पर अपनी उपज बेचने की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी और गोदामों के किराए से पैक्स की आय बढ़ेगी। नवीन सहकारी कानून से समितियों के कामकाज में पारदर्शिता और गति आएगी। लंबित आवेदन की ई-केवाईसी और आधार सीडिंग होने से पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभ से वंचित पात्र किसानों को लाभ मिलेगा।














