
अजमेर के बीके कॉल नगर में शुक्रवार (26 सितंबर) की रात गरबा पांडाल की रंगीनियाँ अचानक दुख में बदल गईं। महज 7 वर्षीय मासूम दैविक धनवानी गरबा खेलते समय करंट का शिकार हो गया और उसकी मौत हो गई। जहां लोग माता की भक्ति और गरबा की धुन में मग्न थे, वहीं यह दर्दनाक हादसा पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा गया। यह हादसा तकनीकी लापरवाही की वजह से हुआ, और मासूम के माता-पिता, जिन्होंने अपने हाथों से उसे गरबा खेलने भेजा था, अब अपने बेटे की आंखों के सामने मौत देख कर बेहाल हैं।
परिवार ने आयोजकों पर लगाया गंभीर आरोप
इस दुखद घटना की खबर फैलते ही पूरे मोहल्ले में मातम फैल गया। रिश्तेदार और पड़ोसी परिवार को सांत्वना देने पहुंचे, लेकिन बच्चे की आकस्मिक मौत ने हर किसी को अंदर तक झकझोर दिया। जिस पांडाल में मासूम की किलकारियों की गूँज सुनाई देनी चाहिए थी, वहां अब गम और सन्नाटा छा गया।
दैविक के पिता कपिल धनवानी ने आयोजकों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पांडाल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे। उनका कहना है कि अगर उचित सुरक्षा उपाय अपनाए गए होते तो यह हादसा टाला जा सकता था।
पुलिस जांच में जुटी, शव अस्पताल में रखा गया
कृष्ण हरी बाबू उपाध्याय नगर थाना पुलिस ने बच्चे के शव को जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के चीरघर में रखा है। सुबह मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद परिजनों को शव सौंपा जाएगा। पुलिस ने घटना के पीछे आयोजकों की भूमिका और लापरवाही की जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय लोग इस हादसे पर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर बड़े आयोजनों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीरता दिखाई जाती है और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
यह हादसा ना केवल परिवार बल्कि पूरे मोहल्ले को झकझोर गया है, और गरबा के इस पांडाल में अब मातम का सन्नाटा पसरा है।














