
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर इलाके में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने सोमवार (23 मार्च) को एक अहम कार्रवाई करते हुए वन विभाग के एक अधिकारी को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। क्षेत्रीय वन अधिकारी अशोक सिंह को 40,000 रुपये की घूस लेते समय रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई के बाद वन विभाग के दफ्तर में अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति बन गई।
जैसे ही ACB की टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को पकड़ा, वहां मौजूद स्टाफ सकते में आ गया। कार्रवाई पूरी करने के बाद टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही मामले से जुड़े दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने लाई जा सके।
एनओसी के बदले मांगी गई थी घूस
ACB के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेंद्र कुमार के मुताबिक, आरोपी अधिकारी ने एक परिवादी से उसकी फर्म के कार्य के लिए एनओसी (NOC) जारी करने के एवज में 40 हजार रुपये की मांग की थी। संबंधित फर्म वन विभाग की रायसिंहनगर रेंज में आने वाली दो अलग-अलग माइनरों से पेड़ों के ठूंठ हटाने का काम कर रही थी।
काम पूरा होने के बाद एनओसी जारी होना जरूरी था, लेकिन अधिकारी ने इसका फायदा उठाते हुए अवैध रूप से पैसे की मांग कर दी। इस पर परेशान होकर परिवादी ने 18 मार्च को ACB चौकी श्रीगंगानगर में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।
ब्लैकलिस्ट करने की धमकी से बनाया दबाव
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी अधिकारी ने रिश्वत नहीं देने पर फर्म को ब्लैकलिस्ट करने और दोनों कार्यों की एनओसी जारी न करने की धमकी दी थी। इस वजह से परिवादी मानसिक दबाव में आ गया और उसने ACB से मदद लेने का फैसला किया।
शिकायत मिलने के बाद ACB ने पहले पूरे मामले का सत्यापन किया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया और आरोपी को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। फिलहाल ACB की टीम मामले की गहराई से जांच में जुटी है और आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस केस में आगे और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।














