लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मनुस्मृति में महिलाओं की स्थिति से जुड़े उल्लेख को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी सोच महिलाओं को स्वतंत्र जीवन जीने से रोकती है और समाज में उनके अधिकारों को सीमित करती है। राहुल गांधी ने महिलाओं की आजादी, सम्मान और समान अधिकारों की जरूरत पर जोर दिया।
राहुल गांधी के मुताबिक, मनुस्मृति में महिलाओं के जीवन को पिता, पति और बेटों के अधीन बताया गया है। उन्होंने इस विचार को शर्मनाक बताते हुए कहा कि महिलाओं को कभी स्वतंत्र नहीं रहना चाहिए, ऐसी सोच स्वीकार नहीं की जा सकती।
महिलाओं को दबाने वाली मानसिकता पर निशाना
राहुल गांधी ने कहा कि महिलाओं को नियंत्रित और दबाने वाली मानसिकता के खिलाफ लड़ाई जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP-RSS की सोच लड़कियों और महिलाओं को सीमित रखना चाहती है। इसके विपरीत उन्होंने ऐसे भारत की बात कही जहां सभी को सम्मान मिले।
उन्होंने महिलाओं के अधिकारों के संदर्भ में पितृसत्ता का मुद्दा भी उठाया। राहुल गांधी ने कहा कि यह व्यवस्था महिलाओं को दबाने, डराने, धमकाने और नियंत्रित करने का काम करती है। उन्होंने इसके खिलाफ आवाज उठाने और समाज में अपने अधिकारों के लिए खड़े होने की अपील की।
घर के काम और महिलाओं के अवसर का मुद्दा उठाया
राहुल गांधी ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ समय का इस्तेमाल भी एक तरह के हथियार के रूप में किया जाता है। उनके मुताबिक, एक लड़की या महिला घर में औसतन 5.5 घंटे काम करती है, जबकि उसी घर में लड़के या पुरुष करीब 30 मिनट ही काम में हाथ बंटाते हैं।
उन्होंने घर लौटने के समय को लेकर भी महिला और पुरुषों के बीच अंतर का जिक्र किया। राहुल गांधी के अनुसार, लड़कियों और महिलाओं के लिए रात में घर लौटने का समय तय किया जाता है, जबकि लड़कों के मामले में ऐसा समान रूप से लागू नहीं होता।
कांग्रेस नेता ने लड़कियों को शिक्षा और रोजगार के अवसरों से जुड़े मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि लड़के नौकरी के लिए कई बार परीक्षाएं दे सकते हैं, जबकि लड़कियों को कई बार सीमित अवसर मिलते हैं और उन पर शादी की उम्र को लेकर दबाव बनाया जाता है।
महिलाओं को दबाने का माइंडसेट मनुस्मृति से आता है और आज हमारी लड़ाई इसी माइंडसेट से है।
— Congress (@INCIndia) August 22, 2026
BJP-RSS के लोग चाहते हैं कि लड़कियां/महिलाएं पिंजरे में बंद रहें।
लेकिन हम ऐसा हिंदुस्तान नहीं चाहते। हम चाहते हैं कि सम्मान सभी का हो।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
📍 पुणे,… pic.twitter.com/8fxhL8g9aT
'महिलाएं देश की नींव हैं'
राहुल गांधी ने महिलाओं को देश की ताकत और भविष्य बताते हुए कहा कि उन्हें अपनी आवाज उठानी चाहिए और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना चाहिए। उन्होंने पितृसत्तात्मक व्यवस्था को खत्म करने की जरूरत बताते हुए 'Smash the Patriarchy' का नारा भी दिया।
उन्होंने महिलाओं से गर्व के साथ अपनी बात रखने और समाज में अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील की।














