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मां वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं के लिए अहम अपडेट, श्राइन बोर्ड ने किए नियमों में बदलाव; तय समय में पूरी करनी होगी चढ़ाई और वापसी

मां वैष्णो देवी यात्रा को लेकर श्राइन बोर्ड ने नए नियम लागू किए हैं। अब आरएफआईडी कार्ड मिलने के बाद तय समय में यात्रा शुरू कर 24 घंटे के भीतर दर्शन कर कटड़ा लौटना अनिवार्य होगा। पूरी जानकारी पढ़ें।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Sun, 21 Dec 2025 5:26:09

मां वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं के लिए अहम अपडेट, श्राइन बोर्ड ने किए नियमों में बदलाव; तय समय में पूरी करनी होगी चढ़ाई और वापसी

मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यात्रा नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब यात्रा शुरू करने से पहले पंजीकरण के साथ आरएफआईडी यात्रा कार्ड लेना सभी श्रद्धालुओं के लिए अनिवार्य रहेगा। नए नियमों के तहत, आरएफआईडी यात्रा कार्ड मिलने के बाद श्रद्धालुओं को 10 घंटे के भीतर अपनी मां वैष्णो देवी की यात्रा आरंभ करनी होगी।

इतना ही नहीं, अब श्रद्धालुओं को यात्रा शुरू करने के बाद 24 घंटे के भीतर दर्शन कर आधार शिविर कटड़ा वापस लौटना भी जरूरी होगा। श्राइन बोर्ड द्वारा जारी ये नए आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और सभी श्रद्धालुओं को इनका पालन करना होगा।

गौरतलब है कि इससे पहले आरएफआईडी यात्रा कार्ड की वैधता 12 घंटे तक होती थी, यानी श्रद्धालु 12 घंटे के भीतर किसी भी समय यात्रा शुरू कर सकते थे। हालांकि, यात्रा पूरी करने के लिए कोई समय सीमा तय नहीं थी। लेकिन नए साल के आगमन से पहले यात्रा में बढ़ती भीड़ को देखते हुए श्राइन बोर्ड ने यह सख्त फैसला लिया है। हर साल नववर्ष से तीन-चार दिन पहले पारंपरिक रूप से भारी संख्या में श्रद्धालु मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

श्राइन बोर्ड का मानना है कि भीड़भाड़ वाले दिनों में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। भवन परिसर और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर अनियंत्रित भीड़ या भगदड़ की स्थिति से बचने के लिए इन नए नियमों को लागू किया गया है। बोर्ड ने पंजीकरण केंद्रों पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे श्रद्धालुओं को नए नियमों की जानकारी लगातार देते रहें।

ये नियम पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ हेलीकॉप्टर, बैटरी कार या अन्य साधनों से यात्रा करने वालों पर भी समान रूप से लागू होंगे। श्राइन बोर्ड प्रशासन का कहना है कि इन दिशा-निर्देशों का मुख्य उद्देश्य यात्रा के दौरान बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करना और श्रद्धालुओं को सुरक्षित व सुव्यवस्थित दर्शन की सुविधा देना है।

अक्सर देखा गया है कि अत्यधिक भीड़ के दौरान कई श्रद्धालु भवन परिसर या मार्ग में बने अन्य धार्मिक स्थलों पर लंबे समय तक रुक जाते हैं, जिससे आगे चलकर भीड़ बढ़ने की स्थिति बन जाती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए श्राइन बोर्ड ने समयबद्ध यात्रा का नियम लागू किया है। आदेश जारी होते ही इसे तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

अब श्रद्धालुओं को नए नियमों के अनुसार ही अपनी मां वैष्णो देवी की यात्रा की योजना बनानी होगी। भवन परिसर और यात्रा मार्गों पर स्थापित सूचना केंद्रों के माध्यम से भी लगातार यात्रियों को नए दिशा-निर्देशों की जानकारी दी जा रही है, ताकि किसी को असुविधा न हो और सभी श्रद्धालु नियमों से अवगत रहें।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई अहम कदम उठाए हैं। कटड़ा रेलवे स्टेशन स्थित यात्रा पंजीकरण केंद्र का समय रात 10 बजे से बढ़ाकर 12 बजे तक कर दिया गया है। इसके अलावा, देर रात पहुंचने वाले यात्रियों के लिए दर्शन ड्योढ़ी प्रवेश द्वार पर 24 घंटे आरएफआईडी यात्रा कार्ड की सुविधा शुरू की गई है।

साथ ही, नए ताराकोट मार्ग के प्रवेश द्वार पर स्थित पंजीकरण केंद्र को भी 24 घंटे संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देर रात यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और वे सुचारू रूप से मां वैष्णो देवी के दर्शन कर सकें।

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