
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में पुलिस ने नशे के खिलाफ एक और सख्त कदम उठाया है। पांवटा साहिब उपमंडल के माजरा क्षेत्र में पुलिस ने दो अलग-अलग छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मादक पदार्थ तस्करों पर लगातार चल रही पुलिस की मुहिम का हिस्सा है।
पहला मामला — युवक के घर से मिला चिट्टा
माजरा पुलिस को सूचना मिली थी कि शाहरुख नामक व्यक्ति, पुत्र स्वर्गीय गुलजार, निवासी गांव भगवानपुर, पोस्ट ऑफिस पिपलीवाला, तहसील पांवटा साहिब, लंबे समय से चिट्टा बेचने के अवैध धंधे में शामिल है। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर उसके घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान पुलिस ने शाहरुख के मकान से 7.25 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया। इसके बाद आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।
दूसरा मामला — मां-बेटी कर रहीं थीं नशे का कारोबार
इसी दौरान, पुलिस को दूसरी गुप्त सूचना मिली कि गांव भगवानपुर में दो महिलाएं नशे की बिक्री कर रही हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने शहीदा बेगम पत्नी युसुफ और उसकी बेटी हसीन फातिमा पत्नी अली जान को दबोच लिया। शहीदा बेगम गांव भगवानपुर की रहने वाली है, जबकि हसीन फातिमा हरियाणा के यमुनानगर जिले के छछरौली तहसील के गांव फेजपुर की निवासी है।
पुलिस ने दोनों के घर की तलाशी ली, जिसमें 14.19 ग्राम चिट्टा और ₹8,500 नकद बरामद किए गए। पूछताछ में सामने आया कि दोनों महिलाएं पिछले कई महीनों से गांव में स्मैक की अवैध बिक्री कर रही थीं। दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज, जांच जारी
दोनों मामलों में पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी यह मादक पदार्थ कहाँ से लाते थे और जिले में किन लोगों को सप्लाई करते थे।
अदालत में पेशी और पुलिस रिमांड की तैयारी
तीनों आरोपियों को गुरुवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस रिमांड के दौरान उनसे सप्लाई चैन और नेटवर्क के बारे में पूछताछ की जाएगी, ताकि नशा तस्करी की इस जड़ को खत्म किया जा सके।
एसपी सिरमौर का बयान
जिला सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चित सिंह नेगी ने तीनों गिरफ्तारियों की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि जिले में नशा माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि युवाओं को इस जाल से बचाया जा सके।














