
आज संसद में चीन से जुड़े मुद्दे पर भारी हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे का हवाला देते हुए चीन मामले पर सदन में सवाल उठाए। विवाद बढ़ने के कारण लोकसभा का सत्र अब मंगलवार तक स्थगित कर दिया गया है।
राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है—राहुल गांधी
संसद से बाहर निकलते ही राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मसला है। मैं वही बात सदन में कहना चाह रहा था जो पूर्व आर्मी चीफ नरवणे ने अपनी किताब में लिखी है। यह वही जानकारी है जिसे एक लेख में प्रकाशित किया गया था।”
मैं आर्टिकल को कोट कर रहा हूँ
राहुल गांधी ने आगे कहा, “मैं संसद में वही बोलना चाह रहा था, जो मोदी जी और राजनाथ सिंह ने उस समय कहा। मैं आर्टिकल के हवाले से बोल रहा हूँ। जब चीन हमारे सामने खड़ा था, उस समय क्या स्थिति थी, यह मैं बता रहा हूँ।”
#WATCH | Delhi: Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, "This is not me, this is what the Army Chief (former) has written in a book. The book is not being allowed to be published. It is languishing, and this is the Army Chief's perspective. Why are they so scared of the… pic.twitter.com/GnWYRAPYIA
— ANI (@ANI) February 2, 2026
पूर्व आर्मी चीफ का दृष्टिकोण—राहुल गांधी
विपक्ष के नेता ने स्पष्ट किया, “यह मेरी राय नहीं, बल्कि पूर्व आर्मी चीफ की किताब में दर्ज दृष्टिकोण है। यह किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है और अटकी हुई है। यह उनके नजरिए को दर्शाती है। तो सवाल उठता है कि इससे इतना डर क्यों महसूस किया जा रहा है?”
वे इतना क्यों डर रहे हैं?
राहुल गांधी ने कहा, “आर्मी चीफ जो कहना चाहते हैं, उससे क्यों डर लग रहा है? इस मामले से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। हम प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के निर्णयों से सबक लेंगे, लेकिन साथ ही हम सीखेंगे कि राजनीतिक नेतृत्व ने सेना को किन परिस्थितियों में रखा और उसे कैसे निराश किया।”
सच्चाई लोगों के सामने आएगी
राहुल गांधी ने जोर देते हुए कहा, “मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा। डर इस बात का है कि अगर यह जानकारी सामने आई, तो नरेंद्र मोदी और राजनाथ सिंह की सच्चाई जनता के सामने आएगी। जब चीन हमारे सामने खड़ा था और बढ़त बना रहा था, तब 56 इंच के सीने का क्या हुआ?”
देश के नेता को फैसलों से भागना नहीं चाहिए
राहुल गांधी ने कहा, “मैं सदन में बोलना चाहता था। मुझे समझ नहीं आता कि डर क्यों महसूस किया जा रहा है। मुद्दा वही है जो प्रधानमंत्री और राजनाथ सिंह ने कहा। जमीन से जुड़ा प्रश्न अलग है, उस पर बाद में चर्चा करेंगे। लेकिन इससे पहले देश के नेता को दिशा और निर्णय लेने चाहिए, किसी और के जिम्मे नहीं छोड़ना चाहिए। यही बात प्रधानमंत्री ने की है।”













