नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लालकिले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की विकास यात्रा, तकनीक, आत्मनिर्भरता और युवाओं से जुड़े कई बड़े ऐलान किए। अपने संबोधन में उन्होंने पिछले 12 वर्षों में हुए बदलावों और सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को दोहराया। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले एक साल में सरकार एक करोड़ युवाओं को AI स्किल ट्रेनिंग देगी। इसके साथ ही युवाओं के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग शुरू करने की घोषणा भी की गई।
लालकिले पर आयोजित समारोह में इस बार राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की धुन भी तिरंगा फहराने से पहले बजाई गई। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, समारोह को ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की विरासत और 2047 तक विकसित भारत की यात्रा में युवा शक्ति की भूमिका को समर्पित किया गया।
12 वर्षों की उपलब्धियों का पीएम मोदी ने दिया आंकड़ा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में सरकार के पिछले 12 वर्षों के कामकाज का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस अवधि में डिफेंस प्रोडक्शन चार गुना और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सात गुना बढ़ी है। उनके अनुसार, रेलवे कोच का उत्पादन 21 गुना और मोबाइल फोन का उत्पादन 33 गुना बढ़ा है।
पीएम मोदी ने बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की गति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नल से पानी के कनेक्शन देने की रफ्तार 15 गुना, गैस कनेक्शन की गति छह गुना, गरीबों के लिए शौचालय निर्माण चार गुना और घर बनाने की रफ्तार तीन गुना बढ़ी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद के इतिहास में पिछले दशक की गति, काम का पैमाना और उपलब्धियां अभूतपूर्व रही हैं। उन्होंने इन बदलावों को 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के भरोसे से जोड़ा।
युवाओं के लिए AI ट्रेनिंग का ऐलान
लालकिले से प्रधानमंत्री ने युवाओं को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की स्किल ट्रेनिंग देगी।
इसके अलावा पीएम मोदी ने युवाओं के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की भी घोषणा की। सरकार की इन घोषणाओं में युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने और उनके कौशल विकास पर विशेष जोर दिखाई दिया।
पश्चिम एशिया संकट और ऊर्जा सुरक्षा का जिक्र
प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में पैदा हुए संकट के दौरान भारत की तैयारियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय कुछ लोगों ने आशंका जताई थी कि देश में पेट्रोल, डीजल और LPG की कमी हो सकती है। पीएम मोदी के मुताबिक, सरकार के प्रयासों के कारण संकट के दौरान देश में ईंधन, गैस और यूरिया की उपलब्धता बनी रही।
उन्होंने कहा कि मुश्किल परिस्थितियों में भारत ने अपनी तैयारियों और आत्मनिर्भरता के आधार पर स्थिति का सामना किया। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि संकट के समय कुछ लोगों ने अपने पास मौजूद व्यवस्थाओं का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया, लेकिन भारत ने अपनी क्षमता के दम पर परिस्थितियों का सामना किया।
पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया भारत की ताकत को पहचान रही है। उन्होंने बताया कि भारत 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते यानी FTA कर चुका है।
रेलवे विद्युतीकरण को लेकर पीएम मोदी का दावा
प्रधानमंत्री ने रेलवे के विद्युतीकरण की प्रगति को भी अपने संबोधन में प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि भारत में रेलवे विद्युतीकरण की शुरुआत 1925 में हुई थी और करीब 90 वर्षों में केवल 30 फीसदी काम पूरा हुआ था। इसके बाद पिछले एक दशक में रेलवे के विद्युतीकरण का 100 फीसदी लक्ष्य हासिल किया गया।
पीएम मोदी के अनुसार, रेलवे के विद्युतीकरण से डीजल के आयात में कमी आई है। उन्होंने हाइड्रोजन ट्रेन शुरू किए जाने का भी उल्लेख किया और इसे स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भरता पर जोर
प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र को भारत की तकनीकी और औद्योगिक क्षमता के लिए अहम बताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा डिजिटल दौर में चिप का इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक सामान से लेकर मेडिकल उपकरण और परिवहन प्रणालियों तक में होता है। ऐसे में चिप की आपूर्ति बाधित होने पर कई महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए कदम तेज किए हैं। उनके मुताबिक, देश में तीन बड़े सेमीकंडक्टर प्लांट काम करना शुरू कर चुके हैं और यहां तैयार होने वाली चिप का निर्यात भी दूसरे देशों में किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अगले सात से आठ वर्षों में पांच से आठ और सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री के अनुसार, इस क्षेत्र में बढ़ती क्षमता आत्मनिर्भर भारत से विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करेगी।
‘वोकल फॉर लोकल’ पर प्रधानमंत्री का जोर
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि देश के लोग अब स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, “हर भारतीय अब वोकल फॉर लोकल और स्वदेशी उत्पादों के समर्थन में खड़ा है।”
उन्होंने कहा कि भारत को आवश्यक चीजों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ानी चाहिए। स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देना और देश में ही जरूरी वस्तुओं का निर्माण करना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विकसित भारत के लक्ष्य पर लगातार जोर
लालकिले से प्रधानमंत्री के संबोधन में तकनीक, युवा शक्ति, आत्मनिर्भरता, विनिर्माण, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक व्यापार जैसे विषय प्रमुख रहे। उन्होंने पिछले वर्षों में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए इन क्षेत्रों में लगातार काम किया जा रहा है।
पीएम मोदी ने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को केंद्र में रखते हुए देश की उपलब्धियों और भविष्य की प्राथमिकताओं को सामने रखा।













