
देश की राजनीति इस वक्त वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर उबाल पर है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाता सूची में हेरफेर कर "वोट चोरी" की जा रही है। इस आरोप के बाद चुनाव आयोग ने राहुल से हलफनामा देने और माफी मांगने की बात कही थी। अब इसी विवाद के बीच आयोग ने विपक्षी दलों के 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को मुलाकात के लिए आमंत्रित किया है। इससे पहले विपक्षी सांसदों ने संसद से लेकर चुनाव आयोग के दफ्तर तक पैदल मार्च का ऐलान किया है।
चुनाव आयोग का निमंत्रण और बैठक का एजेंडा
भारत निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस सांसद जयराम रमेश को औपचारिक पत्र लिखकर सूचित किया है कि आज दोपहर 12 बजे विपक्षी प्रतिनिधिमंडल से बातचीत होगी। पत्र में यह भी साफ किया गया कि सीमित स्थान के कारण केवल 30 प्रतिनिधि ही शामिल हो सकेंगे। यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है, जब एक दिन पहले ही जयराम रमेश ने आयोग से मिलने का समय मांगा था।
मार्च और मुलाकात—दोनों आज ही
आज सुबह 11:30 बजे विपक्षी सांसद संसद भवन से चुनाव आयोग की ओर मार्च करेंगे। इसके तुरंत बाद दोपहर 12 बजे आयोग के साथ बैठक होगी। हालांकि, कांग्रेस की ओर से अब तक यह साफ नहीं किया गया है कि प्रतिनिधिमंडल में किन-किन नेताओं के नाम शामिल हैं। राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हैं कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव और कई अन्य दिग्गज इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हो सकते हैं।
वोटर लिस्ट विवाद का पृष्ठभूमि
मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब खुली राजनीतिक लड़ाई का रूप ले चुका है। राहुल गांधी ने खुले मंच से आरोप लगाया कि चुनाव आयोग वोट चोरी की कोशिश कर रहा है। उन्होंने इस मुद्दे पर देशव्यापी अभियान की शुरुआत करते हुए एक वेबसाइट लॉन्च की है, जहां नागरिक अपने अनुभव और शिकायतें दर्ज कर सकते हैं। राहुल ने लोगों से इस आंदोलन से जुड़ने और “लोकतंत्र बचाने” की अपील भी की है।
सियासी तापमान चढ़ा, फैसलों पर निगाहें
अब सारी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच आज की बैठक में क्या नतीजा निकलता है। क्या आयोग विपक्ष की शिकायतों पर कोई ठोस कदम उठाएगा या यह मुद्दा आने वाले दिनों में और राजनीतिक रंग लेगा—यह देखना दिलचस्प होगा। एक बात तय है, इस विवाद ने चुनावी माहौल में पहले से ही गर्मी बढ़ा दी है।














