
संसद का मॉनसून सत्र राजनीतिक गर्मागर्मी और तीखे सवाल-जवाबों का मंच बना हुआ है। बुधवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ एक बार फिर चर्चा के केंद्र में रहा। समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ सांसद जया बच्चन ने इस ऑपरेशन को लेकर सरकार से तीखे सवाल किए। उन्होंने न सिर्फ नामकरण पर आपत्ति जताई बल्कि सरकार की नीयत और जिम्मेदारी पर भी गहरे सवाल खड़े किए।
जया बच्चन की आपत्ति: "जिस सिंदूर को उजड़ते देखा, वही नाम क्यों?"
सदन में अपनी बात रखते हुए जया बच्चन ने कहा, "सर, पहले तो मैं उन लोगों की तारीफ करूं जिन्होंने ऐसे भारी-भरकम नाम सोच रखे हैं। पर मैं पूछती हूं – सिंदूर? यह नाम क्यों? जिनके घर उजड़ गए, जिनका सिंदूर मिट गया, उन्हीं की पीड़ा के नाम पर ऑपरेशन का नाम रख दिया? यह तो और भी दर्दनाक है। जो औरतें विधवा हो गईं, उनके लिए तो यह नाम सुनना भी तकलीफदेह होगा।"
"370 हटाने पर हुआ वादा कहां गया?"
जया ने आगे सवाल उठाया कि आखिर सरकार के वादों का क्या हुआ? उन्होंने याद दिलाया कि अनुच्छेद 370 हटाने के बाद सरकार ने संसद में बड़े दावे किए थे। "आपने कहा था कि अब आतंकवाद खत्म हो जाएगा, कि कश्मीर पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगा। फिर भी आम लोग, निहत्थे पर्यटक वहां मारे गए। आखिर क्यों? वे आपके भरोसे कश्मीर घूमने गए थे। आपने उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिया था, लेकिन 25 लोगों की जान नहीं बचा सके," उन्होंने कहा।
"आपने लोगों का भरोसा तोड़ा, उन्हें जवाब चाहिए"
अपने भावुक संबोधन में जया बच्चन ने कहा, "ये लोग कश्मीर को स्वर्ग समझ कर गए थे, लेकिन उन्हें मौत मिली। जो वादा आपने किया था, वही वादा उनके लिए जानलेवा बन गया। क्या वे परिवार आपको कभी माफ करेंगे? उनका विश्वास टूट गया।"
"शोक संतप्त परिवारों से एक माफ़ी तक नहीं?"
उन्होंने सरकार पर संवेदनशीलता की कमी का भी आरोप लगाया। "कम से कम एक माफी तो बनती थी। ये कहना तो बनता था कि 'हां, हमसे चूक हुई, हमें क्षमा करें।' लेकिन आपने तो ये भी नहीं किया। सरकार की जिम्मेदारी होती है अपने नागरिकों की सुरक्षा। आपने अपनी ड्यूटी निभाई?" — उन्होंने सीधा सवाल उठाया।
क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक भयानक आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई। वे सभी पर्यटक थे, जो छुट्टियां बिताने वहां पहुंचे थे। इस त्रासदी के बाद भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया। इस अभियान के तहत पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र में स्थित आतंकवादी अड्डों को निशाना बनाकर तबाह किया गया।














