
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रविवार को जानकारी दी कि मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की सुनवाई अब तेज़ी से हो सकेगी, क्योंकि हाल ही में कई राज्यों में विशेष PMLA अदालतें अधिसूचित की गई हैं। एजेंसी के अनुसार, ये अदालतें उन राज्यों में स्थापित की गई हैं जहां अब तक ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए न्यायिक मंचों की संख्या अपर्याप्त थी, जिससे मुकदमों में काफी देरी हो रही थी।
तेलंगाना और राजस्थान को मिले अधिक कोर्ट
ईडी ने बताया कि तेलंगाना में अब कुल 16 विशेष अदालतें अधिसूचित की गई हैं, जिनमें विशाखापत्तनम के लिए दो अदालतें भी शामिल हैं। राजस्थान में अब तक केवल जयपुर में एक ही PMLA कोर्ट थी, लेकिन अब इसकी संख्या बढ़ाकर पांच कर दी गई है, जिनमें से एक जोधपुर के लिए होगी।
एजेंसी ने आगे बताया कि गोवा के उत्तर जिले में अब एक विशेष PMLA अदालत अधिसूचित की गई है। अब तक पूरे गोवा के लिए सिर्फ एक ही PMLA विशेष अदालत थी, जिससे सभी मुकदमे उसी पर निर्भर रहते थे।
मुकदमों में तेजी लाने की दिशा में बड़ा कदम
प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, "इन नई अदालतों की स्थापना से PMLA मामलों की सुनवाई प्रक्रिया को महत्वपूर्ण रूप से तेज़ किया जा सकेगा।" ईडी ने यह भी कहा कि यह पहल उन संवैधानिक अदालतों की चिंताओं का भी समाधान करेगी, जो मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित मुकदमों में देरी को लेकर बार-बार सवाल उठाती रही हैं।
ईडी ने साफ किया कि यह निर्णय न केवल मुकदमों को समयबद्ध तरीके से निपटाने में मदद करेगा, बल्कि इससे विशेष रूप से आर्थिक अपराधों के विरुद्ध जारी लड़ाई को भी बल मिलेगा। एजेंसी ने बताया कि आने वाले समय में अन्य राज्यों में भी ऐसे विशेष न्यायालयों की जरूरत के आधार पर स्थापना की जा सकती है।
नई PMLA अदालतों की यह श्रृंखला देश में मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की न्यायिक प्रक्रिया को तीव्र और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक पहल मानी जा रही है। इससे जहां पीड़ितों को समय पर न्याय मिलेगा, वहीं आर्थिक अपराधियों पर भी तेज़ और सटीक कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी।














