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उज्ज्वला योजना के तहत ₹300 सस्ता एलपीजी सिलेंडर जारी रखने को मोदी कैबिनेट की मंजूरी, ₹12060 करोड़ सब्सिडी को हरी झंडी

मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) को और अधिक सशक्त बनाते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना के तहत एलपीजी सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी के लिए ₹12060 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है।

Posts by : Rajesh Bhagtani | Updated on: Fri, 08 Aug 2025 10:43:08

उज्ज्वला योजना के तहत ₹300 सस्ता एलपीजी सिलेंडर जारी रखने को मोदी कैबिनेट की मंजूरी, ₹12060 करोड़ सब्सिडी को हरी झंडी

मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) को और अधिक सशक्त बनाते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना के तहत एलपीजी सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी के लिए ₹12060 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। इस सब्सिडी के माध्यम से उज्ज्वला योजना के तहत नामांकित 10 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को प्रति सिलेंडर ₹300 की राहत मिलती रहेगी। दिल्ली जैसे महानगरों में जहां घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत लगभग ₹853 तक पहुंच चुकी है, वहीं उज्ज्वला लाभार्थियों को यह सिलेंडर ₹553 में उपलब्ध कराया जा रहा है। यह अंतर सीधे तौर पर सरकार की आर्थिक मदद से संभव हो रहा है।

उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई 2016 में की गई थी, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना था। अब तक इस योजना ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में करोड़ों घरों में एलपीजी की पहुंच सुनिश्चित की है। इस योजना के तहत लाभार्थियों को 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर पर साल में अधिकतम 9 बार ₹300 की सब्सिडी दी जाती है। वहीं, जिन परिवारों को 5 किलोग्राम का सिलेंडर मिलता है, उन्हें उसी अनुपात में राहत दी जाती है। यह निर्णय खासतौर पर उन परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगा जो लगातार महंगाई की मार झेल रहे हैं।

सरकार का यह कदम न केवल सामाजिक कल्याण की दिशा में एक और मजबूत प्रयास है, बल्कि यह वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने की रणनीति का हिस्सा भी है। एलपीजी की कीमतों में अस्थिरता के चलते सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि गरीब और निम्न आय वर्ग के उपभोक्ताओं को कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ न उठाना पड़े।

इसी कड़ी में, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की तीन प्रमुख तेल विपणन कंपनियों – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड – को ₹30,000 करोड़ की राहत देने का भी फैसला लिया है। यह राहत “अंडर रिकवरी” यानी कंपनियों को हुए नुकसान की भरपाई के तौर पर दी जा रही है, जो उन्हें सब्सिडी वाले सिलेंडर बेचने के कारण हुआ है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह मुआवजा 12 किस्तों में दिया जाएगा और वितरण की जिम्मेदारी पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की होगी। सरकार का कहना है कि 2024–25 के दौरान वैश्विक स्तर पर एलपीजी की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे भारतीय उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए तेल कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इसके बावजूद कंपनियों ने घरेलू बाजार में सिलेंडर की आपूर्ति में कोई कमी नहीं आने दी।

इस निर्णय से स्पष्ट है कि सरकार आम जनता की रसोई तक राहत पहुंचाने को लेकर प्रतिबद्ध है। उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाली यह सब्सिडी न केवल गरीबों की आर्थिक सुरक्षा को सुदृढ़ करती है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में देश को और आगे ले जाती है। यह कदम नारी सशक्तिकरण और स्वास्थ्य संबंधी सुधारों में भी महत्वपूर्ण योगदान देने वाला है, क्योंकि घरेलू ईंधन के रूप में एलपीजी का उपयोग महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प सिद्ध हुआ है।

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