
नई दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली में केजरीवाल सरकार के कार्यकाल में स्थापित मोहल्ला क्लीनिकों और डिस्पेंसरीज़ का नाम बदलकर 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर' रखने के कदम को लेकर दिल्ली की बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो साझा करते हुए चिराग दिल्ली स्थित एक वातानुकूलित डिस्पेंसरी का उदाहरण दिया और दावा किया कि भाजपा सिर्फ रंगाई-पुताई करके पहले से मौजूद सुविधाओं को अपनी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा, "केजरीवाल सरकार के समय जो मोहल्ला क्लीनिक और डिस्पेंसरी बनाए गए थे, आज बीजेपी सरकार उन्हीं को 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर' का नया नाम देकर जनता को गुमराह कर रही है।"
"मूल संरचना, नया नाम – सच्चाई से भटकाने की कोशिश"
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि चिराग दिल्ली स्थित जिस डिस्पेंसरी का भाजपा उद्घाटन कर रही है, उसका निर्माण 2017 में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने किया था। "आज भी उस भवन पर मेरे और सत्येंद्र जैन का उद्घाटन पट्ट साफ नजर आता है," उन्होंने जोड़ा।
भारद्वाज का कहना है कि भाजपा सरकार 33 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोलने का दावा कर रही है, लेकिन असल में वे सभी पहले से बने मोहल्ला क्लीनिक हैं जिनका सिर्फ रंग-रोगन कर नाम बदल दिया गया है। उन्होंने इसे भ्रम फैलाने की रणनीति करार दिया।
केजरीवाल सरकार द्वारा बनाये गए मोहल्ला क्लिनिक और डिस्पेंसरी पर नया पेंट करके उन्हें नया आयुष्मान आरोग्य मंदिर बताया जा रहा है । कहा जा रहा है भाजपा सरकार ने 33 AAM बनाये हैं ।
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) June 17, 2025
भाजपा सरकार रोज़ नए झूठ बोलने में कीर्तिमान बना रही है। 8 वर्ष पहले केजरीवाल सरकार द्वारा बनाई गई… pic.twitter.com/VDSFenRNpp
"100 दिन की 20 उपलब्धियां या जनता को गुमराह करने की सूची?"
AAP नेता ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने पर जो 20 बड़ी उपलब्धियां गिनाई हैं, उनमें से सबसे प्रमुख 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर' को बताया गया। लेकिन सच्चाई यह है कि इनमें से अधिकांश क्लीनिक पहले ही तैयार थे और अब सिर्फ नाम बदलकर नया रूप दिया गया है।
उन्होंने कहा, "चिराग दिल्ली में स्थित वातानुकूलित डिस्पेंसरी भाजपा सरकार के आने से पहले ही बन चुकी थी और उसका उद्घाटन 3 दिसंबर 2017 को हो चुका था। अब उस पर नया बोर्ड लगाकर इसे नई उपलब्धि बताना जनता के साथ छलावा है।"
"पुरानी इमारतें, नई राजनीति?"
सौरभ भारद्वाज का स्पष्ट आरोप है कि भाजपा सरकार केवल नाम बदलने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा, "यह कोई नया आरोग्य मंदिर नहीं है, बल्कि यह दिल्ली सरकार की पूर्व डिस्पेंसरी है जिसे अब नया नाम देकर प्रचारित किया जा रहा है। आज भी भवन पर 'दिल्ली सरकार - आप की सरकार' लिखा हुआ है और उद्घाटनकर्ताओं के नाम मौजूद हैं।"
"जनता को सच्चाई जानने का अधिकार है"
भारद्वाज ने कहा कि भाजपा और उपराज्यपाल पहले दावा करते थे कि AAP केंद्र की आयुष्मान योजना को लागू नहीं होने देती। अब वही लोग AAP की योजनाओं को अपनाकर अपनी उपलब्धि बता रहे हैं। उन्होंने कहा, "लोग सोचते हैं कि 33 नए क्लीनिक खुल गए हैं जिनमें अतिरिक्त सुविधाएं होंगी। लेकिन सच्चाई यह है कि कोई नई स्वास्थ्य सेवा नहीं दी गई, सिर्फ पुरानी डिस्पेंसरी को नया नाम दिया गया है।"














