
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सितंबर की शुरुआत से पहले ही चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि देश भर के कई राज्यों में अगले पांच दिनों तक मानसूनी बारिश तांडव मचाने वाली है। बारिश के इस दौर से न सिर्फ तापमान में गिरावट आएगी, बल्कि नदियों, तालाबों और बांधों का जलस्तर भी बढ़ जाएगा। पहाड़ी राज्यों में पहले से ही भूस्खलन और बादल फटने जैसी घटनाओं ने हालात को गंभीर बना दिया है।
राजस्थान में भारी बारिश का खतरा
राजस्थान में मानसून की सक्रियता फिलहाल थमने का नाम नहीं ले रही है। मौसम विभाग ने राज्य के 37 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। जिन जिलों के लिए अलर्ट जारी हुआ है उनमें बांसवाड़ा, बारां, भरतपुर, चित्तौड़गढ़, दौसा, धौलपुर, झालावाड़, करौली, कोटा, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूंबर, सवाई माधोपुर और उदयपुर शामिल हैं।
दिल्ली-NCR में अलर्ट
अगस्त का आखिरी दिन दिल्ली-एनसीआर के लिए भी भारी साबित हो सकता है। मौसम विभाग ने यहां भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। सितंबर के पहले सप्ताह तक यहां तेज बारिश के आसार हैं।
मध्यप्रदेश में लगातार बारिश
मध्यप्रदेश में मानसून टर्फ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में ढाई से साढ़े चार इंच तक बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर संभागों के लिए अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तराखंड में लैंडस्लाइड का खतरा
उत्तराखंड में 4 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, देहरादून, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यहां लैंडस्लाइड और सड़कें बंद होने जैसी आशंकाओं के चलते लोगों को सावधानी बरतने की अपील की गई है।
बिहार में 4 सितंबर तक बरसेंगे बादल
बिहार में भी 4 सितंबर तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। पश्चिम चंपारण, सीवान, सारण, गोपालगंज से लेकर मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर और गया जैसे जिलों में तेज बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि बारिश और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों पर न जाएं और पेड़ों की ओट से बचें।
लोगों से अपील
IMD ने सभी राज्यों में लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी है। खासकर पहाड़ी इलाकों और नदी किनारे बसे लोगों से आग्रह किया गया है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा और दैनिक गतिविधियों की योजना बनाएं।














