
जन सुराज के प्रवक्ता प्रशांत किशोर फिलहाल अपनी 'बिहार बदलाव यात्रा' में व्यस्त हैं। हाल ही में वैशाली में आयोजित अपनी यात्रा के दौरान किशोर ने मीडिया से बातचीत की और एनडीए के नेताओं पर तीखी टिप्पणी की। साथ ही उन्होंने लालू यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव पर भी परिवारवाद और सत्ता का केंद्रीकरण लेकर सवाल उठाए। किशोर ने भरोसा जताया कि जन सुराज इन सभी को सत्ता से बाहर करने में सक्षम होगा। इस मौके पर उन्होंने बिहार के तीन सबसे भ्रष्ट नेताओं के नाम भी उजागर किए और कहा कि अगर जन सुराज की सरकार बनी तो इनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
‘सर्वदलीय नेता’ अशोक चौधरी: प्रशांत किशोर
वैशाली में मीडिया से संवाद करते हुए प्रशांत किशोर ने मंत्री अशोक चौधरी पर व्यंग्य करते हुए उन्हें 'सर्वदलीय नेता' बताया। किशोर के अनुसार, अशोक चौधरी खुद जेडीयू से जुड़े हैं, उनकी बेटी दूसरी पार्टी (लोजपा – रामविलास) से सांसद हैं और दामाद किसी और पार्टी में हैं। किशोर ने आरोप लगाया कि 58 वर्ष की आयु में अशोक चौधरी ने 'फर्जी ढंग से' प्रोफेसर की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस बिहार में युवाओं को क्लर्क जैसी नौकरी भी नहीं मिल रही, वहां चौधरी कैसे विधायक, पीएचडी और प्रोफेसर बन गए। किशोर ने जोर देकर कहा कि जनता अब सब समझ चुकी है और आने वाले चुनाव में इसका जवाब देगी।
बिहार के तीन भ्रष्ट नेताओं के नाम: अशोक, दिलीप और मंगल
प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि बिहार के सबसे भ्रष्ट नेता अशोक चौधरी, दिलीप जायसवाल और मंगल पांडेय हैं। उन्होंने जनता से ऑनलाइन सर्वे करने की अपील की और दावा किया कि बिहार की जनता इन तीनों की भ्रष्ट गतिविधियों से भली-भांति वाकिफ है। किशोर ने चेतावनी दी कि जब जन सुराज की सरकार सत्ता में आएगी, तो इन तीनों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी और उनसे 'एक-एक पैसा वसूल किया जाएगा'।
मंगल पांडेय पर गंभीर आरोप
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय पर निशाना साधते हुए किशोर ने कहा कि कोविड महामारी के समय जब लोग परेशान थे, तब पांडेय दिल्ली में फ्लैट खरीदने में व्यस्त थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पांडेय ने दिलीप जायसवाल से भी पैसा लिया। किशोर ने बताया कि पांडेय ने 25 लाख रुपये लेने की बात स्वीकार की, लेकिन अभी तक 61 लाख रुपये का पूरा हिसाब नहीं दिया गया।
लालू-तेजस्वी पर परिवारवाद का हमला
लालू यादव और तेजस्वी यादव पर टिप्पणी करते हुए किशोर ने कहा कि ऐसा लगता है कि सपना देखने का हक केवल उन्हीं और उनके परिवार को है। किशोर ने कहा कि उनका दृष्टिकोण यही है कि पहले उनके पिता मुख्यमंत्री बने, फिर उनकी मां, अब वे स्वयं और आगे उनके बेटे। किशोर ने कहा कि जन सुराज इस परिवारवाद को समाप्त कर देगी और जनता इनको सत्ता से हटाने का फैसला करेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि बिहार की जनता अब सब जान चुकी है और बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाएगी।














