
गया के चिरैयाटांड़ इलाके में स्थित अपने आवास पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान झंडोत्तोलन करते हुए जहानाबाद से राजद सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव सुर्खियों में आ गए। इस अवसर पर उन्होंने भाषण दिया, लेकिन संबोधन की शुरुआत में ही 79वें स्वतंत्रता दिवस को लेकर वह उलझ गए। समर्थकों ने उन्हें याद दिलाया कि यह 79वां स्वतंत्रता दिवस है। इसके बाद उन्होंने अपने राजनीतिक विचार बेबाकी से रखे।
गांधी का नारा और आज का सियासी माहौल
सांसद यादव ने भाषण में कहा कि महात्मा गांधी ने ‘हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई सब भाई-भाई हैं’ का नारा दिया था। लेकिन आज हालात ऐसे हो गए हैं कि देश पर वही लोग हावी हैं जिन्होंने अंग्रेजों से समझौते करके माफी मांगी और छूटे थे। उनका आरोप था कि देश को छल और धनबल के सहारे एक बार फिर गुलाम बनाने की कोशिश की जा रही है।
“देश को दो लोग बेच रहे और दो लोग खरीद रहे हैं”
अपने वक्तव्य को और आगे बढ़ाते हुए यादव ने कहा कि वह खुले मंच से कहते हैं कि महागठबंधन की ओर से वह उन ताकतों से घृणा करते हैं, जो देश को बेचने और खरीदने में लगे हैं। उनका दावा था कि आने वाले वर्षों में भारत गंभीर संकटों से जूझेगा और हालात श्रीलंका, नेपाल, पाकिस्तान और बांग्लादेश से भी बदतर हो जाएंगे।
17 साल बाद का डरावना अनुमान
राजद सांसद ने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि आज से 17 साल बाद देश में आपसी भाईचारा पूरी तरह खत्म हो जाएगा और लोग आपस में लड़ने-भिड़ने लगेंगे। उन्होंने कहा कि यह कोई छिपी हुई बात नहीं है कि सत्ता में बैठे कुछ लोग देश को गलत दिशा में ले जा रहे हैं।
गुजरात पर सीधा हमला
अपने बयान में सुरेंद्र यादव ने गुजरात पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात से कोई सेना में भर्ती नहीं होता क्योंकि वहां के लोग भ्रष्टाचार में लिप्त रहते हैं। विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे बड़े घोटालेबाजों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अधिकतर घोटालों की जड़ गुजरात से जुड़ी है। उनके अनुसार, ऐसे लोग मलाई खाने और देश को गुलाम बनाने की कोशिश में लगे हैं।
"मुसलमानों ने दिया सबसे बड़ा बलिदान"
विवादित टिप्पणी करते हुए यादव ने कहा कि आजादी की लड़ाई में सबसे अधिक बलिदान मुसलमानों ने दिया। उनके मुताबिक, अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष में सबसे ज्यादा खून मुसलमानों ने बहाया था। लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि मुसलमानों को ही संदेह की नजर से देखा जा रहा है।
वोटर लिस्ट पर सवाल
सांसद ने कहा कि गरीब और कमजोर हिंदुओं के साथ-साथ मुसलमानों को भी वोटर लिस्ट से नाम काटकर ‘रोहिंग्या मुसलमान’ बताने की साजिश चल रही है। उन्होंने इस मुद्दे पर कोर्ट का आभार जताते हुए कहा कि अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना प्रमाण और जांच के किसी का नाम वोटर लिस्ट से नहीं हटाया जा सकता।














