
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के बाद अब सबकी निगाहें दूसरे चरण पर टिक गई हैं। इस चरण में मंगलवार को 122 सीटों पर वोटिंग होगी। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम), की छह प्रमुख सीटें—इमामगंज, बाराचट्टी, टिकारी, अतरी, सिकंदरा और कुटुम्बा—यहीं इस चरण में हैं।
इनमें से पांच सीटों पर प्रत्यक्ष मुकाबला राजद से है। मांझी इस बार अपने प्रभाव को बढ़ाने के लिए पूरी मेहनत कर रहे हैं और पिछले पखवाड़े से लगातार इन क्षेत्रों में सक्रिय हैं। इस चरण में केवल पार्टी की ही नहीं, बल्कि मांझी परिवार की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। उनका लक्ष्य अधिक से अधिक सीटें जीतकर एनडीए में अपनी ताकत और बढ़ाना है।
उपेन्द्र कुशवाहा को भी एनडीए ने छह सीटें दी हैं, जिससे एक अप्रत्यक्ष मुकाबला दोनों पक्षों के बीच बन गया है। मांझी परिवार के दो सदस्य भी चुनावी मैदान में हैं। पारंपरिक सीट इमामगंज से मांझी की बहू एवं पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सुमन की पत्नी, दीपा मांझी, चुनाव लड़ रही हैं। जब मांझी केंद्रीय मंत्री बने, तो यह सीट खाली हुई थी, और उपचुनाव में दीपा ने जीत दर्ज कर इसे फिर से परिवार के नाम कर दिया था।
इसके अलावा मांझी की समधन और दीपा की मां बाराचट्टी सीट से विधायक हैं। टिकारी से प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार और सिकंदरा से प्रफुल्ल मांझी वर्तमान विधायक हैं।
सिकंदरा सीट पर महागठबंधन में फूट का फायदा हम पार्टी को मिल सकता है। यहां हम के प्रफुल्ल मांझी के खिलाफ राजद से उदय नारायण चौधरी और कांग्रेस से विनोद चौधरी चुनावी मैदान में हैं।
मांझी के लिए पहली बार जीत की चुनौती कुटुम्बा और अतरी सीट पर है। कुटुम्बा में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम से हम के प्रत्याशी ललन राम का मुकाबला है, जबकि अतरी में प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार के भतीजे रोमित का सामना राजद की वैजयंती देवी से होगा।
मांझी पार्टी के छह सीटों का मुकाबला इस प्रकार है:
सीट - मुकाबला
इमामगंज - दीपा मांझी (हम) बनाम ऋतु प्रिया चौधरी (राजद)
बाराचट्टी - ज्योति देवी (हम) बनाम तनुश्री मांझी (राजद)
टिकारी - अनिल कुमार (हम) बनाम अजय दांगी (राजद)
सिकंदरा- प्रफुल्ल मांझी (हम) बनाम उदय नारायण चौधरी (राजद) बनाम विनोद चौधरी (कांग्रेस)
अतरी -रोमित कुमार (हम) बनाम वैजयंती देवी (राजद)
कुटुम्बा- ललन राम (हम) बनाम राजेश राम (कांग्रेस)














