
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित असम दौरे से पहले प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। 20 और 21 दिसंबर के बीच पीएम मोदी के असम आने की संभावना जताई जा रही है, जिसके मद्देनज़र राज्य में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सड़कों और कार्यक्रम स्थलों को दुरुस्त करने के लिए प्रशासनिक अमला सक्रिय है, लेकिन इसी बीच असम से सामने आया एक वीडियो सोशल मीडिया पर सनसनी मचा रहा है। वायरल फुटेज में एक बुजुर्ग महिला अधिकारियों से तीखी बहस करती दिखाई दे रही है, जिसने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
यह वीडियो इंडिया टुडे द्वारा साझा किया गया बताया जा रहा है। वीडियो के साथ किए गए दावे के अनुसार, प्रधानमंत्री के नामरूप दौरे से पहले प्रशासनिक लापरवाही और मनमानी को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराज़गी है। आरोप है कि तैयारियों के दौरान अधिकारियों ने पके हुए धान के खेतों पर पत्थर और रेत डाल दी, जिससे किसानों की खड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई।
वीडियो में नजर आ रही बुजुर्ग महिला, जिनकी जमीन के नुकसान की बात कही जा रही है, गुस्से और दर्द के साथ अधिकारियों का सामना करती दिखती हैं। वह भावुक होकर सवाल उठाती हैं कि इस तरह का व्यवहार करने वाले लोग “इंसान हैं या राक्षस”, जिसकी गूंज सोशल मीडिया पर भी सुनाई दे रही है।
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। ग्रामीणों और किसानों का आरोप है कि बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों की व्यवस्था के नाम पर उनकी आजीविका को नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका कहना है कि प्रशासन की प्राथमिकता लोगों के जीवन और मेहनत की कमाई नहीं, बल्कि वीआईपी इंतजाम बनते जा रहे हैं।
हालांकि, lifeberrys हिंदी इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। बावजूद इसके, वीडियो तेजी से इंटरनेट पर फैल रहा है और इसे लेकर सोशल मीडिया यूजर्स के बीच बहस छिड़ गई है। कुछ लोग प्रशासन की कड़ी आलोचना कर रहे हैं, तो वहीं कुछ मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार करने की बात कह रहे हैं।














