भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में टीम इंडिया को बड़े स्कोर के बावजूद हार का सामना करना पड़ा। रांची में खेले गए इस मैच में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 249 रन बनाए, लेकिन वेस्टइंडीज ने आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर 18.3 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने टी20 इंटरनेशनल में अपना सबसे बड़ा सफल रन चेज भी दर्ज किया। मुकाबले के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने हार के कारणों पर बात करते हुए ओस, गेंदबाजों के सामने आई मुश्किलों और फील्डिंग के दौरान गंवाए गए मौकों का जिक्र किया।
ओस के कारण गेंदबाजों के सामने आई चुनौती
मैच के बाद श्रेयस अय्यर ने कहा कि इस पिच पर कितना स्कोर सुरक्षित माना जा सकता है, इसका अनुमान लगाना आसान नहीं था। उनके मुताबिक, ओस ने मुकाबले में अहम भूमिका निभाई और गेंदबाजों के लिए परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हो गईं। अय्यर ने पिच पर गेंदबाजों की गलती की गुंजाइश कम होने की बात भी कही। उन्होंने बताया कि अगर गेंद सही जगह पर नहीं डाली जाती, तो बल्लेबाज उसका फायदा उठाकर गेंद को सीधे स्टैंड्स तक पहुंचा सकते थे। वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने जिस अंदाज में रन बनाए, उससे भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बना रहा। भारतीय कप्तान ने विपक्षी टीम की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए वेस्टइंडीज को जीत की बधाई दी। भारत ने पहली पारी में 249 रन बनाकर बड़ा लक्ष्य खड़ा किया था, लेकिन वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाते हुए मुकाबले का परिणाम अपने पक्ष में कर लिया।
249 रन बनाने के बाद भी भारत नहीं बचा पाया मैच
रांची में तीन साल के लंबे अंतराल के बाद भारतीय टीम टी20 इंटरनेशनल मुकाबला खेलने उतरी थी। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 249 रन का विशाल स्कोर बनाया। इतने बड़े स्कोर के बावजूद टीम इंडिया लक्ष्य का बचाव नहीं कर सकी। वेस्टइंडीज की ओर से कप्तान शे होप ने शतकीय पारी खेली, जिसने रन चेज में अहम भूमिका निभाई। कैरेबियाई बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा और 18.3 ओवर में लक्ष्य पूरा कर लिया। इस तरह मुकाबले में 500 से अधिक रन बने और मैच में बल्लेबाजों का दबदबा देखने को मिला। अय्यर के बयान से स्पष्ट था कि भारतीय टीम के लिए केवल बड़ा स्कोर बनाना पर्याप्त नहीं रहा। गेंदबाजी के दौरान परिस्थितियों को संभालना और सही लाइन-लेंथ बनाए रखना भी जरूरी था, लेकिन वेस्टइंडीज की आक्रामक बल्लेबाजी ने भारत को वापसी का पर्याप्त मौका नहीं दिया।
फील्डिंग में मौके गंवाने की बात भी मानी
श्रेयस अय्यर ने हार के बाद भारतीय टीम की फील्डिंग पर भी बात की। उन्होंने माना कि मुकाबले के दौरान कुछ अहम मौके हाथ से निकल गए। हालांकि, उन्होंने इसे खेल का हिस्सा बताया। मैच में बड़े लक्ष्य का पीछा कर रही वेस्टइंडीज की टीम को रोकने के लिए भारत को गेंदबाजी के साथ फील्डिंग में भी बेहतर प्रदर्शन की जरूरत थी। अय्यर की टिप्पणी से पता चला कि टीम ने कुछ मौकों पर अवसर गंवाए, लेकिन उन्होंने इस बात को लेकर कोई अलग सफाई देने के बजाय इसे खेल की स्वाभाविक चुनौती के रूप में स्वीकार किया।
संजू सैमसन और मयंक यादव के प्रदर्शन पर क्या बोले अय्यर?
हार के बावजूद श्रेयस अय्यर ने भारतीय टीम के संजू सैमसन और मयंक यादव के प्रदर्शन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ियों ने अपनी-अपनी भूमिका अच्छी तरह निभाई। अय्यर के मुताबिक, मयंक यादव ने शुरुआती ओवरों में तीन विकेट लेकर भारत को अच्छी शुरुआत दिलाई थी। शुरुआती विकेट मिलने के बाद भारतीय टीम के पास मुकाबले में दबाव बनाने का मौका था, लेकिन बाद में वेस्टइंडीज की एक बड़ी साझेदारी ने मैच की दिशा बदल दी। भारतीय कप्तान ने इस साझेदारी को मुकाबले का अहम मोड़ बताया। वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने एक साथ मिलकर रन बनाने जारी रखे और भारतीय गेंदबाजों को मैच पर दोबारा नियंत्रण बनाने का मौका नहीं दिया। अंत में कैरेबियाई टीम ने 250 रन का लक्ष्य 18.3 ओवर में हासिल कर लिया।
दूसरे टी20 में भारत की हार के प्रमुख पहलू
रांची में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम ने 249 रन बनाए, लेकिन वेस्टइंडीज ने रिकॉर्ड सफल रन चेज करते हुए जीत दर्ज की। श्रेयस अय्यर ने हार के बाद ओस और गेंदबाजों के लिए मुश्किल परिस्थितियों का उल्लेख किया। उन्होंने फील्डिंग में कुछ मौके गंवाने की बात भी स्वीकार की, जबकि संजू सैमसन और मयंक यादव के प्रदर्शन की सराहना की। मयंक यादव के शुरुआती तीन विकेटों के बावजूद वेस्टइंडीज की एक अहम साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया। शे होप की शतकीय पारी और कैरेबियाई टीम की आक्रामक बल्लेबाजी ने भारत के बड़े स्कोर को पीछे छोड़ दिया।














