
भारतीय क्रिकेट में बड़े बदलाव की आहट सुनाई दे रही है। अगले महीने बीसीसीआई की वरिष्ठ राष्ट्रीय चयन समिति में दो नए नाम शामिल हो सकते हैं और इस रेस में सबसे आगे चल रहे हैं पूर्व स्पिनर प्रज्ञान ओझा और पूर्व तेज़ गेंदबाज़ आरपी सिंह। इन दोनों दिग्गजों के नामों पर गंभीरता से विचार हो रहा है, जबकि प्रवीण कुमार, आशीष विंस्टन जैदी और शक्ति सिंह भी इस पद की दौड़ में हैं।
बीसीसीआई ने पिछले महीने राष्ट्रीय चयन समिति में दो खाली पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। ये पद साउथ जोन के एस. शरथ और सेंट्रल जोन के सुब्रतो बनर्जी की जगह भरे जाने हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, प्रज्ञान ओझा को साउथ जोन से और आरपी सिंह को सेंट्रल जोन से चयनकर्ता बनाए जाने की संभावना सबसे प्रबल है।
आरपी सिंह उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं और सेंट्रल जोन का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसी क्षेत्र से एक और पूर्व तेज़ गेंदबाज़ प्रवीण कुमार ने भी आवेदन किया है। इनके अलावा यूपी के ही आशीष विंस्टन जैदी और हिमाचल प्रदेश के शक्ति सिंह ने भी अपनी उम्मीदवारी पेश की है।
बीसीसीआई ने चयनकर्ताओं के लिए कुछ सख़्त मानदंड निर्धारित किए हैं। आवेदक को कम से कम 7 टेस्ट या 30 प्रथम श्रेणी मैच, या फिर 10 वनडे इंटरनेशनल और 20 प्रथम श्रेणी मैच खेलने का अनुभव होना चाहिए। इसके अलावा यह भी जरूरी है कि खिलाड़ी ने कम से कम 5 साल पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया हो और पिछले 5 वर्षों में बीसीसीआई की किसी समिति का सदस्य न रहा हो।
अगर हम इन खिलाड़ियों के अनुभव की बात करें तो:
—प्रज्ञान ओझा ने भारत के लिए 24 टेस्ट, 18 वनडे और 6 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। वह भारत के सफल बाएं हाथ के स्पिनरों में गिने जाते हैं।
—आरपी सिंह ने 14 टेस्ट, 58 वनडे और 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में देश का प्रतिनिधित्व किया। उनकी स्विंग गेंदबाज़ी ने भारत को कई अहम मौकों पर जीत दिलाई।
—वहीं प्रवीण कुमार ने 6 टेस्ट, 68 वनडे और 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। वह भी एक कुशल स्विंग गेंदबाज़ माने जाते हैं और अपने समय में सीमित ओवर क्रिकेट के भरोसेमंद खिलाड़ी रहे हैं।
बीसीसीआई की चयन प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है और माना जा रहा है कि अक्टूबर की शुरुआत में नए चयनकर्ताओं के नामों की आधिकारिक घोषणा हो सकती है। यदि ओझा और आरपी सिंह की नियुक्ति होती है तो यह चयन समिति अनुभव और संतुलन का नया रूप होगी, जिसमें खिलाड़ियों का हालिया अनुभव भी शामिल होगा और चयन की प्रक्रिया ज़्यादा व्यावहारिक हो सकती है।
क्रिकेटप्रेमियों के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वाकई ये नाम चयन पैनल में अपनी जगह बना पाते हैं या अंतिम समय में कोई और चेहरा उभरकर सामने आता है। एक बात तो तय है — भारतीय क्रिकेट में ताज़गी और नयापन लाने की तैयारी ज़ोरों पर है।














