इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज हैरी ब्रूक ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 से नाम वापस ले लिया है। उन्होंने कहा है कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने करियर के सबसे व्यस्त दौर के लिए समय निकालने की जरूरत है, जिसके लिए उन्होंने यह फैसला लिया है। यह लगातार दूसरा साल है, जब इंग्लिश बल्लेबाज ने टूर्नामेंट से नाम वापस लिया है, लेकिन इस बार टूर्नामेंट से बाहर होने के लिए उन्हें कड़ी सजा मिल सकती है।
मिल सकती है बड़ी सजा
आईपीएल गवर्निंग काउंसिल द्वारा घोषित किए गए नए नियमों के अनुसार, नीलामी में खरीदे जाने के बाद आईपीएल सीजन से नाम वापस लेने वाले खिलाड़ी पर दो साल का बैन लग सकता है। 26 वर्षीय खिलाड़ी को आगामी सीजन से पहले मेगा-नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स ने 6.25 करोड़ रुपये की कीमत पर खरीदा था।
आईपीएल गवर्निंग काउंसिल के नियमों के अनुसार, 'कोई भी खिलाड़ी जो खिलाड़ी नीलामी में रजिस्ट्रेशन करता है और नीलामी में चुने जाने के बाद सीजन की शुरुआत से पहले खुद को अनुपलब्ध कर देता है, उसे टूर्नामेंट और खिलाड़ी नीलामी में भाग लेने से 2 सीजन के लिए प्रतिबंधित कर दिया जाएगा'।
ब्रूक ने आईपीएल के आगामी सत्र से हटने के अपने आखिरी समय के फैसले के लिए दिल्ली कैपिटल्स और उनके फैंस से माफी मांगी। उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के लिए 2023 सत्र में हिस्सा लिया, लेकिन 11 मैचों में सिर्फ 190 रन बनाकर ₹13।25 करोड़ की अपनी कीमत पर खरे नहीं उतर पाए।
ब्रूक ने पोस्ट कर दी जानकारी
ब्रूक ने अपने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा, 'मैंने आगामी आईपीएल से हटने का बहुत मुश्किल फैसला लिया है। मैं दिल्ली कैपिटल्स और उनके समर्थकों से बिना शर्त माफी मांगता हूं। मुझे क्रिकेट बहुत पसंद है, जब से मैं छोटा था, मैंने अपने देश के लिए खेलने का सपना देखा है और मैं इस स्तर पर अपने पसंदीदा खेल को खेलने का अवसर पाकर बेहद आभारी हूं। जिन लोगों पर मैं भरोसा करता हूं, उनके मार्गदर्शन में मैंने इस फैसले पर गंभीरता से विचार करने के लिए समय निकाला है। यह इंग्लैंड क्रिकेट के लिए वास्तव में महत्वपूर्ण समय है और मैं आगामी सीरीज की तैयारी के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध होना चाहता हूं'।
हाल ही में संपन्न हुए चैंपियंस ट्रॉफी में इंग्लैंड के निराशाजनक प्रदर्शन के दौरान ब्रूक तीन मैचों में केवल 47 रन ही बना पाए थे। जोस बटलर ने इंग्लैंड की व्हाइट-बॉल टीम की कप्तानी छोड़ दी है और ब्रूक उनके बाद कप्तानी की भूमिका संभालने के लिए एक मजबूत दावेदार हैं।