
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा की गाड़ी से कुचलकर चार किसानों की मौत हो गई। जिसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उनका अंतिम संस्कार कराया गया। अंतिम संस्कार से पहले शवों का पोस्टमॉर्टम कराया गया। न्यूज़ 18 की खबर के अनुसार पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में किसी की भी मौत गोली लगने से नहीं हुई। सभी की मौत शॉक, ब्रेन हेमरेज और अधिक रक्तस्राव के वजह से हुई।
बता दे, लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र समेत 14 लोगों पर हत्या और आपराधिक साजिश का केस दर्ज किया गया है। यह केस बहराइच के नानपारा के रहने वाले जगजीत सिंह की शिकायत पर तिकुनिया थाने में दर्ज हुआ है। दूसरी तरफ मंत्री अजय मिश्र के ड्राइवर की शिकायत पर तिकुनिया थाने में ही अज्ञात किसानों पर हत्या, जानलेवा हमला और मारपीट की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। हालांकि आशीष मिश्रा ने इन आरोपों से इनकार किया है। आशीष ने उल्टा ये आरोप लगाया है कि कुछ उपद्रवी तत्वों ने बीजेपी के समर्थकों के ऊपर हमला किया, जिसमें उनकी गाड़ी के ड्राइवर समेत 4 लोगों की मौत हो गई।
इनकी हुई मौत
-दलजीत सिंह (32) पुत्र हरजीत सिंह निवासी नानपारा जिला बहराइच
-गुरविंदर सिंह (20) पुत्र सतविंदर सिंह निवासी नानपारा जिला बहराइच
-लवप्रीत सिंह (24) पुत्र सतनाम सिंह निवासी चौखड़ा फार्म मझगाई थाना पलिया जिला खीरी
-नछत्तर सिंह (60) पुत्र अज्ञात निवासी रामनगर लहबड़ी थाना धौरहरा जिला खीरी
-हरिओम निवासी परसेहरा थाना फरधान खीरी (आशीष मिश्रा का ड्राइवर )
-श्याम सुंदर पुत्र बालक राम निवासी सिंघहाकला सिंगाही जिला खीरी (BJP कार्यकर्ता )
-शुभम मिश्रा निवासी शिवपुरी लखीमपुर जिला खीरी (BJP कार्यकर्ता)
-रमन कश्यप निवासी निघासन जिला खीरी (पत्रकार )
ये लोग हुए घायल
-गुरुनाम सिंह निवासी नानपारा जिला बहराइच
-मेजर सिंह
-साहब सिंह निवासी नानपारा
-संदीप सिंह निवासी मांझा फार्म
-प्रभजीत चौखडा फार्म
-शमशेर सिंह निवासी बैरिया फार्म
-तजिंदर सिंह निवासी तराई किसान संगठन
सरकार ने मुहावजे का किया ऐलान
लखीमपुर में सरकार और किसानों के बीच समझौता हो गया है। सरकार ने मृतकों के परिवार को 45 लाख रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया है। वहीं सभी मृतकों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। साथ ही घटना की न्यायिक जांच और 8 दिन में आरोपियों को गिरफ्तार करने का वादा भी किया गया है।
UP के ADG प्रशांत कुमार ने कहा, 'मारे गए 4 किसानों के परिवारों को सरकार 45 लाख रुपए और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देगी। घायलों को 10 लाख रुपए दिए जाएंगे। किसानों की शिकायत पर FIR दर्ज की जाएगी। साथ ही हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज मामले की जांच करेंगे।'
उन्होंने कहा कि CRPC की धारा 144 लागू होने के कारण राजनीतिक दलों के नेताओं को जिले का दौरा नहीं करने दिया गया है। हालांकि, किसान संघों के सदस्यों को यहां आने की इजाजत है।’














