
रविवार रात डूंगरपुर के कोतवाली थाना इलाके में तब सनसनी मच गई जब एक दसवीं कक्षा के स्टूडेंट ने फांसी लगा अपनी जीवनलीला तब समाप्त कर ली जब उसकी मां पीहर गई हुई थी। पुलिस ने शव के पास से सुसाइड नोट बरामद किया है, जिसमें लिखा था कि मैं अपनी जिंदगी से परेशान हूं। घर में किशोर अकेला ही था। मौके पर पुलिस पहुंची। पुलिस ने कमरे को सील कर दिया। परिजनों के आने के इंतजार में पुलिस रात भर कमरे के बाहर बैठी रही। पूरी रात शव फंदे पर लटका रहा। पोस्टमार्टम के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चिराग पांडोर (16) दसवीं का छात्र था। डूंगरपुर के आदर्श नगर रोड पर शनि मंदिर के पास किराए के मकान में अपनी मां पारू पांडोर के साथ रहता था। हादसे के समय वह घर में अकेला था। कमरे की खिड़की खुली हुई थी। पड़ोसियों की नजर कमरे के अंदर पड़ी तो चिराग फंदे से लटका हुआ था। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। उसकी मां देवल अपने पीहर गई थी। रात को घर लौटी तो बेटा फंदे पर लटका मिला।
चिराग के पिता नहीं है। अन्य परिजन उदयपुर में रहते हैं। ऐसे में चिराग की मां ने उनके आने तक पुलिस से शव नहीं उतारने के लिए कहा। परिजनों के पहुंचने के बाद ही आगे की कार्रवाई की गई। शव के पास से एक सुसाइड नोट मिला। जिसमें चिराग ने जिंदगी से परेशान होने की बात लिखी थी। परिजनों के पहुंचने तक शव रात भर फंदे से ही लटका रहा।














