राजस्थान के प्रसिद्ध अजमेर शरीफ दरगाह में मंगलवार सुबह एक बड़ी सुरक्षा चूक का मामला सामने आया, जब एक अर्धनग्न व्यक्ति तीन तलवारों के साथ दरगाह के अंदर घुस आया। इस घटना ने श्रद्धालुओं में हड़कंप मचा दिया। स्थानीय लोगों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कार्रवाई की। एक साहसी व्यक्ति ने तलवार छीनने में मदद की, जिससे आरोपी के हाथ में चोट आई और खून बहने लगा। फिर भी, उसने अपनी हिम्मत नहीं खोई और स्थानीय लोगों की मदद से उस संदिग्ध को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस ने शुरू की पूछताछ
घटना के बाद पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ शुरू कर दी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि आरोपी का उद्देश्य क्या था और वह कौन था। पुलिस इस घटना की गंभीरता से जांच कर रही है, खासकर सुरक्षा में हुई चूक के बारे में। प्रशासन ने घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना से बचा जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे
दरगाह के चारों प्रवेश द्वारों पर सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं, फिर भी यह व्यक्ति अंदर कैसे घुसा, इस पर सवाल उठ रहे हैं। अजमेर शरीफ दरगाह का प्रमुख प्रवेश द्वार निजाम गेट है, जहां करीब 10 RAC जवान तैनात होते हैं। इसके बावजूद यह व्यक्ति इन सुरक्षा उपायों को चकमा देकर अंदर कैसे घुस गया, इस पर पुलिस जांच कर रही है।
अजमेर शरीफ दरगाह का ऐतिहासिक महत्व
अजमेर शरीफ दरगाह का निर्माण मुस्लिम शासक इल्तुतमिश के शासनकाल में हुआ था और इसे मुग़ल सम्राट हुमायूं के समय में पूरा किया गया। यह दरगाह धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है, जो हिन्दू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लिए श्रद्धा का केंद्र बन चुका है।