
राजस्थान में कोरोना का कहर निम्न स्तर पर आ चुका हैं, लेकिन इस बीच अन्य बिमारियों ने सताना शुरू कर दिया हैं। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच अब ‘स्क्रब टाइफस’ ने चिंता बढ़ाई हैं जिसके लगातार मामले सामने आ रहे हैं और प्रदेश में इसका आंकड़ा 1100 के पार हो गया है। इनमें से 5 लोग दम तोड़ चुके हैं। स्क्रब टाइफस माइट या पिस्सू के काटने से फैलता हैं। ऐसे में बरसात के मौसम में अधिक अलर्ट रहना पड़ेगा। मौसमी बीमारियों के मामले बढ़ने पर अस्पतालों में मरीजों को बैड नहीं मिल रहे हैं।
प्रदेश में इसके आंकड़ों की बात करें तो पहले नंबर पर उदयपुर और दूसरे नंबर पर जयपुर है। एसएमएस व अन्य अस्पतालों में राज्य के विभिन्न जिलों से इलाज के लिए मरीज आते हैं। चिकित्सा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पॉजिटिव पाए जाने पर संबंधित जिले के पशुपालन विभाग के अधिकारी को स्प्रे एवं अन्य गतिविधि करने के लिए सूचना देते हैं। डेंगू, चिकनगुनिया के साथ ही स्क्रब टाइफस भले ही यह वायरल बीमारी कोरोना से अलग है, लेकिन लक्षण कोविड से मिलते-जुलते हैं।
स्क्रब टाइफस के लक्षण
- दो हफ्ते के अंदर मरीज को तेज बुखार।
- सिरदर्द, खांसी, मांसपेशियों में दर्द व कमजोरी।
- गंभीर स्थिति में प्लेटलेट्स की कमी।
- समय पर इलाज नहीं मिलने पर निमोनिया का रूप धारण कर लेता है।
- आमतौर पर इस बीमारी से पीड़ित 40-50 फीसदी लोगों में कीड़े के काटने का निशान दिखता है। निशान गोल और ब्लैक मार्क होता है। आधे से अधिक लोगों में निशान दिखता भी नहीं है।














