
राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट बीते दिन राजधानी जयपुर में एक चैरिटी शो में शामिल हुए थे जहां उन्होंने गाना भी गाया। लेकिन उनका गाया गाना अब सियासी हलकों में चर्चा का कारण बन गया। सचिन पायलट ने अल्बर्ट हॉल पर रोटरी क्लब के कार्यक्रम में 'जीना यहां, मरना यहां, इसके सिवा जाना कहां' गाकर सुनाया। इस गाने को अब उनके पुराने बयान से जोड़ा जा रहा हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि मैं 50 साल कहीं नहीं जाने वाला। पायलट ने भले चैरिटी शो में यह गाना गाया हो लेकिन इसकी सियासी हलकों में खूब चर्चा है।
पिछले महीने मंत्रिमंडल विस्तार में पायलट समर्थकों को जगह मिलने के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि वे अब दिल्ली की राजनीति करेंगे। इन कयासों पर उन्होंने खुलकर कहा था कि मैं कहीं नहीं जा रहा हूं। कांग्रेस संगठन में नई जिम्मेदारी मिलने पर राजस्थान से दूर जाने की अटकलों पर सचिन पायलट ने एक कार्यक्रम में कहा था कि मैं 50 साल कहीं नहीं जाने वाला। पायलट राजस्थान से लगातार कनेक्ट रहने और यहीं सियासत करने की बात कह चुके हैं। इस गाने के बोल भी उसी बयान की तरफ ही इशारा करने वाले हैं।
सचिन पायलट टेरिटोरियल आर्मी से भी जुड़े हैं। पायलट ने यूपीए सरकार में मंत्री रहते हुए लेफ्टिनेंट के तौर पर टैरिटोरियल आर्मी जॉइन की थी। हाल ही में टेरिटोरियल आर्मी में पायलट प्रमोट होकर कैप्टन बने हैं। पायलट का परिवार सेना के बैकग्राउंड वाला है, उनके पिता राजेश पायलट भी इंडियन एयरफोर्स में फाइटर पायलट थे। उन्होंने स्क्वॉड्रन लीडर के तौर पर कई ऑपरेशंस में हिस्सा लिया था। सचिन पायलट साल में कुछ दिन टेरिटोरियल आर्मी में सर्विस देते हैं।














