
राजस्थान में भजनलाल सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गहलोत राज में बनाए गए 9 जिलों और 3 संभागों को समाप्त कर दिया है। यह फैसला राज्य के प्रशासनिक ढांचे को नया रूप देने के लिए लिया गया है। समाप्त किए गए जिलों में दूदू, केकड़ी, शाहपुरा, नीमकाथाना, गंगापुरसिटी, जयपुर ग्रामीण, जोधपुर ग्रामीण, अनूपगढ़ और सांचौर शामिल हैं। इसके अलावा, तीन संभाग बांसवाड़ा, सीकर और पाली को भी समाप्त कर दिया गया है। भजनलाल सरकार के इस फैसले के बाद, राजस्थान में अब कुल 41 जिले रह जाएंगे। इससे पहले राज्य में 50 जिले थे। साथ ही, 10 संभागों की जगह अब सिर्फ 7 संभाग अस्तित्व में रहेंगे। हालांकि, कुछ जिलों का अस्तित्व बरकरार रहेगा, जैसे कि बालोतरा, ब्यावर, डीग, डीडवाना, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा, फलोदी और सलूंबर, जिनका विभाजन प्रभावित नहीं हुआ है और वे यथावत रहेंगे।
कांग्रेस का हमला: बीजेपी सरकार की निंदा
राजस्थान में जिलों और संभागों की समाप्ति पर कांग्रेस पार्टी ने तीव्र विरोध जताया है। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने बीजेपी सरकार के इस फैसले को जनता की भावनाओं के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह मॉडल सफल नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार मनमाने तरीके से जिलों और संभागों को बंद कर रही है, जिसे जल्द ही पलटना पड़ेगा। डोटासरा ने कहा कि इस तरह के निर्णय लेने से पहले सरकार को जनता के विचारों का सम्मान करना चाहिए। डोटासरा ने और भी आलोचना करते हुए कहा, "यह निर्णय जल्द ही बदलने वाला है और फिर इन जिलों और संभागों को वापस बहाल करना पड़ेगा।" उन्होंने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि वह "100 प्याज भी खाकर 100 जूते खाए" के उदाहरण की तरह काम कर रही है।
पुरानी कहावत है '100 प्याज भी खाए और 100 जूते भी'
— Govind Singh Dotasra (@GovindDotasra) January 4, 2025
भाजपा सरकार भी यही काम कर रही है, इन्होंने जनता की भावना के विरूद्ध संभाग और जिले निरस्त किए हैं।
जनता के सामने किसी की मर्जी नहीं चलती, सरकार को निर्णय बदलकर संभाग और जिले वापस करने पड़ेंगे।#सीकर_संभाग_यथावथ_रखो pic.twitter.com/wwGKDqhLz5
गहलोत सरकार में 17 नए जिले बने थे
आपको बता दे कि गहलोत सरकार में राजस्थान में 17 नए जिले और 3 नए संभाग बनाए गए थे। जयपुर और जोधपुर के दो-दो हिस्सों में बांट दिए थे। अनूपगढ़, गंगापुर सिटी, कोटपूतली, बालोतरा, जयपुर ग्रामीण, खैरथल, ब्यावर, नीमकाथाना, डीग, जोधपुर ग्रामीण, फलोदी, डीडवाना, सलूंबर, दूदू, केकड़ी, सांचौर और शाहपुरा नए जिले बने थे। बांसवाड़ा, पाली और सीकर को संभाग बनाया गया था।














