सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त कर रहे पेंशनधारकों को वार्षिक भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से करवाना होगा। 31 मार्च तक सत्यापन न करवाने की स्थिति में पेंशन बंद कर दी जाएगी। जयपुर जिले में अब तक लगभग एक लाख से अधिक लोगों ने अभी तक पेंशन के लिए वार्षिक भौतिक सत्यापन नहीं कराया है।
जानकारी के अनुसार सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत विधवा, बुजुर्ग, दिव्यांग सहित अन्य पात्र लोगों को राज्य सरकार की ओर से पेंशन के माध्यम से आर्थिक संबल प्रदान करती है। साल में एक बार पेंशन के लिए भौतिक सत्यापन करवाना जरूरी होता है।
समय पर भौतिक सत्यापन नहीं करवाने पर पेंशन मिलना स्वत: बंद हो जाता है। जिससे लाभार्थियों को फिर से पेंशन चालू करवाने के लिए दतरों में कई चक्कर काटने पड़ते है। ऐसे में लाभार्थी समय पर सत्यापन कर परेशानी से बच सकती है। राज्य सरकार ने बजट में सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत प्राप्त होने वाली पेंशन की न्यूनतम राशि 1150 से बढ़ाकर 1250 कर दी गई, लेकिन पेंशनधारकों द्वारा वार्षिक सत्यापन में उदासीनता बरती जा रही है। जयपुर जिले में कुल 604430 पेंशनधारक है, जिनमें से अभी तक 485986 लोगों ने वार्षिक सत्यापन करवाया है। अभी तक 118444 लोगों ने सत्यापन करवाने से वंचित है।
पंचायत प्रसार अधिकारी दीपक बेनीवाल ने बताया कि ई-मित्र केंद्र अथवा ई-मित्र कियोस्क से बॉयोमैट्रिक सत्यापन के माध्यम से, एंड्रॉइड मोबाइल ऐप से फेस रिकग्निशन अथवा बॉयोमैट्रिक के माध्यम से एवं ओटीपी सत्यापन से संबंधित अधिकारी द्वारा लाभार्थी के आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी के माध्यम से पेंशन का भौतिक सत्यापन करवा सकते हैं।
कुछ पेंशनधारकों का सत्यापन बॉयोमैट्रिक पहचान या आधार से जुड़े मोबाइल नंबर के अभाव में नहीं हो पा रहा है। ऐसी स्थिति में पेंशन पोर्टल पर नया विकल्प उपलब्ध कराया गया है, जिसके तहत पेंशनधारकों को अधिकारी के कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर पीपीओ, जनाधार, आधार आदि के आधार पर सत्यापन करवाना होगा। इस प्रक्रिया में अधिकारी के आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से वार्षिक सत्यापन किया जाएगा।
पेंशन का वार्षिक भौतिक सत्यापन करवाने की अंतिम तिथि 31 मार्च रखी गई है। लेकिन जयपुर जिले में अब भी 80 प्रतिशत लोगों ने ही सत्यापन करवाया है, जबकि 20 प्रतिशत लोगों ने सत्यापन नहीं करवाया। निर्धारित समय तक सत्यापन नहीं करवाया गया तो स्वत: ही पेंशन मिलना बंद हो जाएगा। दुबारा से पेंशन चालू करवाने के कई कागजात तैयार करने के लिए दतरों में चक्कर काटने पड़ेंगे।