
जयपुर। प्रदेश की भजनलाल सरकार सम्भवतः फरवरी के तीसरे सप्ताह में अपने पहले शासनकाल का दूसरा बजट पेश करने जा रही है। सरकार ने बजट तैयारी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल राज्य कर्मचारियों, व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठनों से मुलाकात कर प्री-बजट मीटिंग कर चुके हैं। सरकारी कर्मचारियों से लेकर उद्योगपति और व्यापारियों में उम्मीद बढ़ गई है। खेमराज कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक होने और उसमे कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को नजरअंदाज करने से नाराज प्रदेश के कर्मचारियों के लिए ये बजट कई मायनों में खास होने जा रहा है।
सरकार के कर्मचारियों की ओर से लंबे समय से उनकी सलेक्शन स्केल 9, 18 और 27 वर्ष के पैटर्न को बदलकर सरकर इस बजट में चार बार यानी 8, 16, 24 व 32 वर्ष कर सकती है। वहीं दूसरी ओर, अलग-अलग कैडर के पदनाम बदलने के अलावा कुछ कैडर की भर्ती की अर्हता में भी बढ़ोतरी करने के प्रावधान पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
कर्मचारी संगठनों ने दिए थे सुझाव
दरअसल,पिछले दिनों बजट पूर्व संवाद बैठक में 80 कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सामने कई प्रावधानों पर सबसे अधिक फोकस किया गया था। जिसमे खास तौर पर सलेक्शन स्केल, पदनाम और ठेका प्रथा समाप्त करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे थे। बजट पूर्व चर्चा में सीएम ने कहा भी था कि ऐसी डिमांड सामने रखें, जो वाकई पूरी होनी ही चाहिए या सालों से अटकी हैं।
बताया जा रहा है कि लंबे समय से चल रही कर्मचारी संगठनों की मांग पर सरकार एसीपी 9, 18 और 27 वर्ष के बजाय 8, 16, 24 व 32 वर्ष की करने जा रही है। इसके साथ विभिन्न विभागों में तैनात संविदाकर्मियों के लिए भी पूर्व में RLSDC के गठन की घोषणा की गई थी। अब सरकार नए सिरे से कॉरपोरेशन बनाने की प्लानिंग में है। इसके जरिये ही संविदा पर कर्मचारियों को सरकारी सेवाओं में लगाया जा सकेगा।
उधर, विभागों में मंत्रालयिक कर्मचारियों के वेतनमान सहित पदोन्नति और वरिष्ठता को लेकर समान स्थितियों के लिए निदेशालय बन सकता है। छोटे विभागों के कर्मचारियों को भी बड़े विभागों के कर्मचारियों के समान पदोन्नति के समान अवसर दिए जाने और टाइम बार्ड प्रमोशन दिए जाने की घोषणा भी बजट का हिस्सा बन सकता है।
खेमराज कमेटी की सिफारिश से नाराज
बजट को लेकर चल रही तैयारी के बीच कर्मचारी संगठन भी उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार उनके लिए इस बजट में कुछ महत्वपूर्ण घोषणा करेगी। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ एकीकृत के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार से इस बजट में कर्मचारियों को काफी कुछ उम्मीदें हैं।
पिछले दिनों सीएम भजनलाल शर्मा ने जब कर्मचारी संगठनों से बजट पूर्व चर्चा की थी, उस दौरान भी पदोन्नति 9, 18 और 27 वर्ष के बजाय 8, 16, 24 व 32 वर्ष की करने को लेकर चर्चा हुई थी और सभी कर्मचारी संगठनों ने एक स्वर में इस मुद्दे को उठाया था। लेकिन खेमराज कमेटी की रिपोर्ट जब सार्वजनिक की गई तो उसमें इस बिंदु को लेकर कोई सुझाव नहीं थे। उसके बाद से कर्मचारी संगठनों में निराशा भी थी और नाराजगी भी।
इस नाराजगी और निराशा को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भी अवगत कराया गया था। जानकारी मिल रही है कि सरकार लंबे समय से चल रही कर्मचारियों की इस मांग को इस बजट में पूरा कर सकती है। संगठन भी सरकार से यही उम्मीद कर रहा है कि 80 से ज्यादा कर्मचारी संगठनों की इस डिमांड को इस बजट में पूरा करें।














