
कोलकाता। मंगलवार को कोलकाता के एक स्नान घाट पर मानव मांस से भरे ट्रॉली बैग के साथ दो महिलाएं टैक्सी में यात्रा कर रही थीं और जब उन्होंने ट्रॉली को फेंकने की कोशिश की तो अहिरीटोला इलाके के स्थानीय लोगों का संदेह उन पर बढ़ गया।
इसके बाद दोनों महिलाओं के बीच बहस हुई और बाद में पुलिस ने बैग को जब्त कर लिया, लेकिन बैग की ज़िप खोलने के बाद वे दंग रह गईं। ट्रॉली में मानव मांस के टुकड़े भरे हुए थे। महिलाओं को तुरंत टैक्सी के ड्राइवर के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।
पता चला कि दोनों उत्तर 24 परगना के हसनाबाद के काजीपारा की रहने वाली मां-बेटी थीं। उनके पास से ट्रेन का टिकट बरामद किया गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दोनों के सियालदह के रास्ते आने की संभावना है।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि हत्या उसी जिले के बारासात में हुई थी और शव को काटकर ट्रॉली बैग में भरकर कोलकाता लाया गया था। शव एक महिला का है और आरोपी ने कहा कि शव उसके एक रिश्तेदार का है जिसने खुद को आग लगा ली।
जांचकर्ताओं का मानना है कि यह कहानी सच्चाई को छिपाने के लिए गढ़ी गई है, क्योंकि पुलिस की अनुमति के बिना किसी भी शव को नदी में नहीं डाला जा सकता।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) रूपेश कुमार ने बताया, "गिरफ्तार महिलाओं की पहचान फल्गुनी घोष और आरती घोष के रूप में हुई है तथा पीड़िता का नाम सुस्मिता घोष है, जो फल्गुनी की सास थी। उसकी हत्या मध्यमग्राम में की गई।"
होमिसाइड विभाग के अधिकारियों ने टैक्सी ड्राइवर से पूछताछ की तो उसने बताया, "आज (मंगलवार) सुबह दो महिलाएं मेरी टैक्सी लेकर गईं। वे पहले प्रिंसेप घाट गईं और खिड़की से झांककर इलाके का जायजा लिया। चूंकि वहां सुबह की सैर करने वाले लोग थे, इसलिए उन्होंने मुझे बाबू घाट और फिर अहिरीटोला घाट ले जाने को कहा।"














