
राजस्थान में कांग्रेस में सब सही है और कोई गुटबाजी नहीं हैं इसे जताने के लिए कुछ समय पहले ही मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया था। लेकिन इसके पीछे की सच्चाई बार-बार सामने आ रही हैं और देखा जा रहा हैं कि सरकार द्वारा पूर्व डिप्टी सीएम को राज्य सरकार इगनोर कर रही हैं। सरकार की ओर से पिछले दिनों गणतंत्र दिवस पर झंडारोहण करने के लिए जिन मुख्य अतिथियों की लिस्ट जारी की है, उसमें पूर्व डिप्टी सीएम का कहीं भी नाम नहीं है। जबकि केंद्रीय नेतृत्व आज भी उन्हें बतौर लीडर के कई राज्यों में स्टार चुनाव प्रचारक के रुप में भेजती है।
सरकार ने 30 जिलों में मंत्री आदि जनप्रतिनियों को गणतंत्र दिवस पर झंडारोहण करने के लिए लगाए है। इनकी लिस्ट गत दिनों शासन सचिव जयपुर जितेंद्र कुमार उपाध्याय ने जारी की है। सीएम अशोक गहलोत की सरकार ने उन्हें अन्य जिलों में गणतंत्र दिवस पर झंडारोहण करने के लिए तो भेजना दूर की बात रही, खुद के निर्वाचन जिले टोंक में भी चीफ गेस्ट बनाकर भेजना उचित नहीं समझा। टोंक में मंत्री राजेंद्र गुढ़ा को गणतंत्र दिवस पर चीफ गेस्ट के रुप में लगाया हैं। वह ही 26 जनवरी को खेल स्टेडियम में झंडारोहण करेंगे। इसको लेकर उनके समर्थकों में भी मायूसी है। केंद्रीय पार्टी नेतृत्व भले ही पायलट को तवज्जो दे रहा है, लेकिन आज भी राज्य सरकार के मुखिया पायलट को इगनोर कर रहे है। हम साथ-साथ वाली बात तो महज दिखावा है।














