
इस बढ़ते तकनिकी युग में जहां सोच में बदलाव लाने की जरूरत हैं वहीँ आज भी कई ऐसे लोग हैं जो अपने बच्चों के प्रेम विवाह के खिलाफ हैं और अपने खोंखले सम्मान के लिए अपराध कर बैठते हैं। ओनर किलिंग का एक नजारा देखने को मिला उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में जहां एक पिता ने अपनी ही बेटी को मारकर सुकून मिला। बेटी ने सात साल पहले प्रेम विवाह कर लिया था जिससे पिता खफा था। यहां युवती की पत्थर से सिर कूचलकर हत्या कर दी गई। ससुरालियों के घर के सामने स्थित खड़ंजे पर शव छोड़कर आरोपी फरार हो गए। दिनदहाड़े हुई हत्या की घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर छानबीन में जुट गई। चिल्हिया एसओ यसवंत सिंह ने बताया कि हत्या के मामले में तहरीर नहीं मिली है। मायके पक्ष के कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उसके पिता ने हत्या करने का गुनाह कबूल किया है।
जानकारी के मुताबिक, चिल्हिया थाना क्षेत्र के कपिया खालसा निवासी विश्वनाथ की पुत्री सुनीता (30) परिजनों के मर्जी के विरूद्ध साल 2013 में गांव के ही अब्दुल मोतिन के साथ भाग कर मुंबई के बांद्रा कोर्ट में रजिस्टर्ड शादी कर ली थी। उसके तीन बच्चे भी हैं। वह एक माह पहले मुंबई से आकर गांव में रह रही थी। ग्रामीणों का कहना है कि रविवार को किसी बात के लिए सुनीता से उसके मायके पक्ष के लोगों से विवाद हो गया। जिसके बाद हुई मारपीट में सुनीता के सिर में पत्थर से गंभीर चोट लग गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद उसका शव ससुराल के सामने खड़ंजे पर छोड़ आरोपी फरार हो गए।
पुलिस हिरासत में पिता विश्वनाथ ने कबूल किया कि उसने ही सुनीता की हत्या की है। वो चाहता था कि बेटी गांव में न रहे लेकिन वह मुंबई से आकर गांव में रहने लगी थी। शादी के लिए सुनीता ने धर्म परिवर्तन किया और अपना नाम शबनम रख लिया था। इसी बात से नाराज पिता ने उसे मौत के घाट उतार दिया और बोला- अब सुकून मिला है। हत्या के बाद उसके मायके और ससुराल के लोग फरार हैं, जबकि पति मुंबई में है। हत्या के बाद गांव में कई थाना क्षेत्रों की पुलिस तैनात कर दी गई है।














