जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के सिंहपोरा-चतरू इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रही। इस संघर्ष में एक भारतीय जवान ने देश की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवा दी। मुठभेड़ की शुरुआत उस वक्त हुई जब सुरक्षाबलों को इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की पुख्ता जानकारी मिली।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े चार आतंकवादी इस क्षेत्र में छिपे हुए हैं। सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम ने पूरे क्षेत्र को घेरकर अभियान शुरू किया है। ऑपरेशन का नेतृत्व स्थानीय पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) के साथ मिलकर किया जा रहा है।
शहीद हुए जवान की पहचान महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के करंडी गांव निवासी सिपाही संदीप पांडुरंग गायकर के रूप में हुई है। ड्यूटी के दौरान उन्होंने अदम्य साहस और वीरता का परिचय देते हुए देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। अधिकारियों और जवानों ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी विदाई दी।
सूत्रों का कहना है कि जिस आतंकी समूह को सुरक्षाबलों ने घेरा है, वह हाल ही में इसी इलाके में हुई एक और मुठभेड़ के दौरान बच निकलने में सफल रहा था। सुरक्षाबलों ने इस बार पूरे क्षेत्र को सील कर दिया है ताकि किसी भी आतंकवादी के बचकर भागने की संभावना खत्म हो सके।
VIDEO | J&K: Officials pay last respect to Army jawan Gaykar Sandip Pandurang, who made the supreme sacrifice in Kishtwar encounter yesterday.
— Press Trust of India (@PTI_News)
He was the resident of the village Karandi tehsil, Akole, Ahmednagar district, Maharashtra.
(Full video available on PTI Videos -… pic.twitter.com/ipXSbjuKyo
गौरतलब है कि बीते कुछ हफ्तों में घाटी में आतंकवाद विरोधी अभियानों में तेजी आई है। 13 मई को शोपियां में लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकियों को मार गिराया गया था, जबकि 16 मई को त्राल में जैश के तीन आतंकवादी मुठभेड़ में मारे गए थे। इन अभियानों के दौरान भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया था।
किश्तवाड़ में जारी यह ऑपरेशन इस बात का संकेत है कि सुरक्षाबल किसी भी प्रकार के खतरे को खत्म करने के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार हैं। इलाके में अभी भी तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और मुठभेड़ समाप्त होने तक ऑपरेशन जारी रहेगा।














